Homeअपराधज‍िस प्‍यार के ल‍िए केतन की ले ली जान, पूछताछ में जब...

ज‍िस प्‍यार के ल‍िए केतन की ले ली जान, पूछताछ में जब खुद पर आई बात, स‍िया-चेतन लेने लगे एक-दूसरे का नाम


Last Updated:

लोहागढ़ किला मर्डर केस की जांच में पुलिस ने कई बड़े दावे किए हैं. पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन पहले भी कई बार लोहागढ़ किले गए थे और कथित तौर पर वारदात की साजिश बनाई थी. दोनों ने घटना से पहले 2,000 से ज्यादा बार फोन पर बात की और करीब 238 घंटे बातचीत की. वहीं, चेतन के परिवार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उसे पूरी तरह बेगुनाह बताया है.

Zoom

केतन मर्डर केस में आरोपी सिया और चेतन ने एक दूसरे पर ही आरोप लगाना शुरू कर दिए हैं.

Ketan Murder Case: पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्‍याकांड मामले में नया मोड़ आ गया है. आरोपी सिया ने अपने प्‍यार को हासिल करने के लिए अपने ही मंगेतर चेतन की जान ले ली. आरोप है कि उसने यह हत्‍याकांड अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर अंजाम दिया था. दोनों ने साथ मिलकर इस हत्‍याकांड के लिए ऐसी फूलप्रूफ साजिश रची थी कि किसी को भी उन दोनों के खूनी इरादों पर शक न हो. लेकिन, मौके से मिली सीसीटीवी फुटेज और परिस्थितिजन्‍य साक्ष्‍यों ने पुलिस को उन दोनों के सामने लाकर खड़ा कर दिया.

केतन हत्‍याकांड को लेकर जब सिया और चेतन से पूछताछ शुरू हुई तो दोनों एक दूसरे पर आरोप मढ़ने लग गए. दोनों के बयानों को सुनने के बाद लोनावला पुलिस की इंवेस्टिगेशन टीम को भी हैरत में पढ़ गई. दोनों का प्‍यार महज एक हफ्ते में ही पूरी तरह से फुर्र हो चुका था. जिस प्‍यार के लिए इन दोनों ने एक बेगुनाह की जान ले ली, वह आज अपनी गर्दन को बचाने के लिए एक-दूसरे को फंदे पर लगकाने में जुटे हुए हैं. अपने बयान में चेतन ने पुलिस को बताया कि वह सिया के साथ भागकर नई जिंदगी की शुरूआत करना चाहता था, लेकिन सिया ने ही केतन को रास्‍ते से हटाने की जिद की.

इसी के विपरीत, सिया ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मर्डर की पूरी प्‍लानिंग चेतन की ही थी. 14 जून को जब वह केतन की जान लेने में नाकामयाब रहा था, तब वह खूब रोया था. हालांकि, पूछताछ में सिया ने यह माना कि लोहागढ़ किले में साजिश को अंजाम देने के लिए दोनों ने आपस में बातचीत के लिए सिग्‍नल तय किए थे. इशारों के इसी सिग्‍नल से दोनों ने वारदात के दौरान एक-दूसरे से बातचीत की थी. सिया ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने सिग्नल के तौर पर नीचे झुककर इशारा किया था. सिग्‍नल मिलते ही चेतन ने ही केतन को धक्का देकर खाई में गिराया था.

जांच में अब तक सामने आईं ये कुछ बड़ी बातें

  1. लोहागढ़ किला मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस टीम का दावा है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि काफी समय पहले से इसकी साजिश तैयार की गई थी. आरोपी पहले भी कई बार लोहागढ़ किले पर गए थे. वहां उन्होंने पूरी जगह का जायजा लिया और उसे वारदात के लिए उसे सही जगह माना.
  2. जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि घटना से पहले दोनों आरोपी लंबे समय तक लगातार संपर्क में थे. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने दो हजार से ज्यादा बार एक-दूसरे से फोन पर बात की. यह बातचीत करीब 238 घंटों की है. पुलिस का मानना है कि इतनी लंबी बातचीत इस बात की ओर इशारा करती है कि दोनों किसी बड़ी साजिश पर काम कर रहे थे.
  3. हालांकि, दूसरी ओर चेतन के परिवार ने पुलिस के इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. परिवार का कहना है कि चेतन निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने दावा किया कि उनके बेटे ने साफ कहा है कि उसने केतन को धक्का नहीं दिया था.
  4. बाबूलाल चौधरी के मुताबिक, घटना के समय चेतन केतन के पास मौजूद नहीं था, बल्कि काफी दूर खड़ा था. उन्होंने कहा कि जब केतन खाई में गिरा, उस समय सिया उसके बिल्कुल पास खड़ी थी. वहीं, चेतन के चाचा उदयराम चौधरी ने भी यही दावा दोहराया. उनका कहना है कि चेतन पूरी तरह बेगुनाह है और परिवार को शुरू से यही बता रहा है कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है.
  5. यह पूरा मामला तब सामने आया, जब पुणे ग्रामीण पुलिस ने दावा किया कि 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई केतन की मौत के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी. पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे और दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार की थी.
  6. जांच के साथ-साथ दोनों आरोपियों की पृष्ठभूमि भी सामने आ रही है. सिया पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके के एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है. उसके पड़ोसियों को उसके खिलाफ लगे आरोपों की कोई जानकारी नहीं थी. गिरफ्तारी की खबर सुनकर वे भी हैरान रह गए. बताया गया कि गिरफ्तारी के बाद से उसके परिवार का घर बंद पड़ा है.
  7. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि सिया और चेतन की मुलाकात कारोबार के सिलसिले में हुई थी. सिया बेकरी का बिजनेस चलाती थी, जबकि चेतन का परिवार ड्राई फ्रूट्स के कारोबार से जुड़ा है. पुलिस का मानना है कि धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. इसी प्‍यार के लिए दोनों ने मिलकर केतन के मर्डर की साजिश रची थी.

वारदात को अंजाम देने से पहले कई बार की गई थी रेकी
पुलिस का यह भी दावा है कि लोहागढ़ किले को वारदात के लिए सोच-समझकर चुना गया था. दोनों आरोपी पहले कई बार वहां जा चुके थे और जगह की पूरी जानकारी हासिल कर चुके थे. जांच में यह बात भी सामने आई है कि सिया और केतन का बाली टूर आखिरी समय में रद्द हो गई थी क्योंकि सिया का पासपोर्ट खो गया था. जांच एजेंसियां इस पहलू को भी साजिश से जोड़कर देख रही हैं.

दोनों आरोपी एक दूसरे को बता रही हैं बेकसूर
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सिया ने अपना जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर केतन को लोहागढ़ किले बुलाया था. वहीं चेतन अलग रास्ते से वहां पहुंचा. केतन के खाई में गिराने से पहले दोनों ने मिलकर पूरी योजना को अंजाम दिया. फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, जबकि आरोपी पक्ष लगातार खुद को बेगुनाह बता रहा है. ऐसे में अब सभी की नजर अदालत में पेश होने वाले सबूतों और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है.

About the Author

authorimg

Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments