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RPSC Exam Scam: जयपुर में RPSC वरिष्ठ अध्यापक (सैकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा 2022 में डमी कैंडिडेट घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है. SOG ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी चंद्रभान यादव को गिरफ्तार किया है, जिसने असली अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा की जगह परीक्षा दी थी. जांच में सामने आया कि दोनों के बीच करीब 1 लाख रुपये में सौदा हुआ था. इस मामले में चयनित अभ्यर्थी अनिल मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपी वर्तमान में BAMS प्रथम वर्ष का छात्र है और जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में अध्ययनरत है.
आरोपी चंद्रभान यादव
जयपुर. राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी चंद्रभान यादव को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई परीक्षा में हुई धांधली की जांच के दौरान की गई, जिसमें लगातार नए खुलासे हो रहे हैं.
मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक (सैकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा 2022 का है. 24 दिसंबर 2022 को आयोजित विज्ञान विषय की परीक्षा में असली अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा की जगह चंद्रभान यादव परीक्षा देने बैठा था. जांच में सामने आया कि यह पूरा सौदा पहले से तय था और इसके लिए दोनों के बीच लगभग 1 लाख रुपये में समझौता हुआ था.
पहले ही गिरफ्तार हो चुका है असली अभ्यर्थी
इस मामले में चयनित अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा को SOG पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. जांच एजेंसियों के अनुसार, अनिल मीणा ने ही डमी कैंडिडेट बैठाने की पूरी योजना तैयार की थी और परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठाकर नियमों का उल्लंघन किया. गिरफ्तार आरोपी चंद्रभान यादव वर्तमान में जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA) में BAMS प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि वह परीक्षा में डमी कैंडिडेट के रूप में शामिल हुआ था और इसके लिए उसे आर्थिक लाभ दिया गया था.
SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर RPSC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों का मामला चर्चा में आ गया है. SOG की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तरह के और भी डमी कैंडिडेट मामलों में कोई संगठित गिरोह सक्रिय है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



