Homeअपराधजयपुर में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट से डॉक्टर बने 3 आरोपी गिरफ्तार, SOG...

जयपुर में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट से डॉक्टर बने 3 आरोपी गिरफ्तार, SOG का बड़ा खुलासा


Last Updated:

राजस्थान में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर बनने के मामले में SOG ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. विदेश से MBBS करने वाले इन आरोपियों ने लाखों रुपये देकर फर्जी प्रमाणपत्र खरीदे, राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों से इंटर्नशिप भी पूरी कर ली. मामले में अब तक 17 डॉक्टरों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुके है.

Zoom

आरोपी नवदीप तंबोलिया

जयपुर. राजस्थान में फर्जी FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) प्रमाणपत्र के जरिए डॉक्टर बनने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवदीप तंबोलिया, चिराग साहू और आफरीदी खान के रूप में हुई है. तीनों ने विदेश से MBBS की डिग्री हासिल करने के बाद फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में रजिस्ट्रेशन कराया और सरकारी मेडिकल कॉलेजों से इंटर्नशिप भी पूरी कर ली.

SOG की जांच में सामने आया कि नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किरगिजिस्तान से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उसने करीब 25 लाख रुपये देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट हासिल किया. यह सर्टिफिकेट उसे दिशांत टेलर के माध्यम से दौसा निवासी शुभम गुर्जर ने उपलब्ध कराया. इसी आधार पर उसने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण करवाया और राजकीय दौसा मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप भी कर ली. वहीं, चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से MBBS की डिग्री लेने के बाद करीब 23.50 लाख रुपये में विकास यादव से फर्जी FMGE प्रमाणपत्र खरीदा. इसके जरिए उसने RMC में रजिस्ट्रेशन कराया और उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप पूरी की. आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से MBBS करने के बाद करीब 25 लाख रुपये में शुभम गुर्जर से फर्जी FMGE सर्टिफिकेट प्राप्त किया. उसने भी राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण करवाकर राजकीय अलवर मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप पूरी की.

मुख्य आरोपी सहित कई लोग पहले ही गिरफ्तार

SOG की जांच में सामने आया है कि फर्जी FMGE सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने वाले शुभम गुर्जर और विकास यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इस पूरे नेटवर्क के मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल भी जांच एजेंसी की गिरफ्त में हैं. अब तक इस मामले में कुल 17 डॉक्टरों के अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार, UDC और LDC समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

आरोपी चिराग साहू

4 जुलाई तक रिमांड पर भेजे गए आरोपी

तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद SOG ने 4 जुलाई तक का रिमांड हासिल किया है. पूछताछ के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है. SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

About the Author

authorimg

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments