पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को कानून-व्यवस्था और OBC आरक्षण से जुड़े चार बिल पास कर दिए। इनमें एंटी-गुंडा कानून के तहत पुलिस अब कुछ मामलों में बिना ट्रायल किसी आरोपी को 12 महीने तक हिरासत में रख सकेगी। वहीं, OBC आरक्षण से जुड़े दो संशोधन बिलों को भी मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट 2 जुलाई को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। बिल अगस्त में विधानसभा में पेश किया जाएगा। UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें कानून और शिक्षा समेत अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्टस शामिल हैं। कमेटी एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। एंटी-गुंडा कानून: दंगे में नुकसान की भरपाई, संपत्ति भी होगी जब्त OBC लिस्ट से 113 समुदाय हटे, सर्वे के बाद 66 जोड़े गए सरकार बोली- पुराने कानून असरदार नहीं रहे सरकार का कहना है कि मौजूदा कानून संगठित अपराध, सिंडिकेट राज और हिंसा से जुड़े मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं थे। कई मामलों में आरोपी जल्दी जमानत पर बाहर आ जाते थे। फिर से अपराध में शामिल हो जाते थे। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए नया कानून लाया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नए कानून से पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए ज्यादा अधिकार मिलेंगे। दंगे और हिंसा के मामलों में सिर्फ जेल भेजना काफी नहीं है। नुकसान पहुंचाने वालों से मुआवजा भी वसूला जाएगा। जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्ति जब्त कर नीलाम की जा सकेगी।
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बंगाल विधानसभा में एंटी-गुंडा और OBC आरक्षण बिल पास: अगस्त में UCC बिल पेश होगा, पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनी
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