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Sirohi Hostel Case: सिरोही में एक अवैध निजी हॉस्टल में 5 से 11 साल के 6 बच्चों से यौन शोषण का मामला सामने आया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की टीम ने छापे के बाद आरोपी वार्डन को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है. मामले में नया विवाद तब खड़ा हुआ जब पीड़ित बच्चों को रात में मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने नशे की हालत में पुलिस से बियर की बोतलें मांगना शुरू कर दिया. बाल कल्याण समिति और डीएलएसए ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
Sirohi Hostel Case: राजस्थान के सिरोही जिले से एक के बाद एक ऐसी शर्मनाक और दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं, जिसने पूरे सूबे के प्रशासनिक और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है. यहाँ पहले तो बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से चल रहे एक निजी हॉस्टल में 5 से 11 साल तक के मासूम बच्चों के साथ यौन शोषण का बेहद घिनौना मामला उजागर हुआ. इसके बाद जब पुलिस और प्रशासन इन पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण करवाने अस्पताल पहुंचे, तो वहाँ ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर ने संवेदनशीलता की सभी हदें पार करते हुए इंसानियत को ही कलंकित कर दिया.
इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को तीन दिन पहले एक गुमनाम ई-मेल प्राप्त हुआ. इस शिकायत में हॉस्टल के भीतर मासूम बच्चों के साथ हो रहे लगातार यौन उत्पीड़न की खौफनाक बात कही गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएलएसए की सचिव सावित्री आनंद, बाल कल्याण समिति (CWC) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित एक्शन लेते हुए हॉस्टल पर अचानक छापा मारा. जांच में पता चला कि इस हॉस्टल का कोई वैध रजिस्ट्रेशन तक नहीं था और यहाँ अवैध रूप से 30 बच्चों को रखा गया था, जिनमें से 6 मासूम बच्चों ने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी आपबीती रोते हुए अधिकारियों को सुनाई.
अस्पताल में शर्मनाक कृत्य, नशे में धुत डॉक्टर ने पुलिस से मांगी शराब
हॉस्टल की इस दर्दनाक दास्तान के बाद जब पीड़ित बच्चों को कानूनी कार्रवाई के तहत रात के समय सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया, तो वहाँ एक और शर्मनाक वाकया पेश आया. आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पूरी तरह नशे में धुत था. उसने गंभीर रूप से डरे और सहमे हुए बच्चों का इलाज या मेडिकल करने के बजाय वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सरेआम बियर की बोतलें मांगना शुरू कर दिया. इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य और डीएलएसए के उच्च अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे, जो डॉक्टर की इस घोर संवेदनहीनता और अमानवीय व्यवहार को देखकर दंग रह गए.
वार्डन गिरफ्तार, कंप्यूटर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच में जुटी पुलिस
बाल कल्याण समिति के सदस्य प्रताप सिंह और डीएलएसए सचिव ने इस पूरे घटनाक्रम को चिकित्सा विभाग की घोर अनियमितता और आपराधिक कृत्य माना है. इस संबंध में उच्च चिकित्सा अधिकारियों को तलब कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. दूसरी ओर पुलिस ने अवैध हॉस्टल संचालक और मुख्य आरोपी वार्डन को पोक्सो (POCSO) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. एडिशनल एसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाने के लिए हॉस्टल परिसर से 2 कंप्यूटर और पिछले एक हफ्ते की सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है.
मासूमों की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरे दोहरे कांड ने राजस्थान में बच्चों की सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है. एक तरफ जहाँ बिना किसी सरकारी अनुमति के समाज के बीच एक अवैध हॉस्टल में मासूमों का बचपन कुचला जाता रहा और स्थानीय प्रशासन को भनक तक नहीं लगी. वहीं दूसरी तरफ जब ये पीड़ित बच्चे न्याय की आस में सरकारी तंत्र के पास पहुंचते हैं, तो वहाँ भी उन्हें बेहद शर्मनाक और अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है. पुलिस को अंदेशा है कि गहनता से पूछताछ और जांच के बाद इस हॉस्टल कांड में पीड़ित बच्चों की संख्या और भी बढ़ सकती है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें



