- Hindi News
- National
- Supreme Court Courtroom Video Controversy; Petitioner Vs Judge | KV Viswanathan
नई दिल्ली8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता वकील ने सुनवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चल रही थी। याचिका वकील ने ही लगाई थी।
सुनवाई की शुरुआत से ही वकील ने बेहद आक्रामक रुख अपना रखा था। कुछ ही देर में उसने कोर्ट में गाली देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, केस से जुड़े कागज हवा में उछालते हुए कहा… “दे देना उस @#$&% CJI को….।”
याचिकाकर्ता वकील के इस व्यवहार से कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। लेकिन तुरंत ही सिक्योरिटी ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया।
मामले की सुनवाई जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कर रही थी। हालांकि कोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई न करने का फैसला किया, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट रूम में हुए हंगामे की 2 तस्वीरें…

वकील को सिक्योरिटी ने माइक से हटाया और कोर्ट रूम से बाहर ले गई।

वकील के कागज फेंकने के तुरंत बाद पीछे बैठी वकील बुरी तरह डर गई।
हंगामे के बाद जज बोले- हमें उसके साथ सिंपैथी है
सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने कहा, “न्यायिक अधिकारी महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दें। इस पर जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा, आप मुझे आदेश दे रहे हैं?
इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने कहा, “मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। इसके बाद उसने केस की फाइल हवा में फेंक दी और गाली-गलौज करने लगा। इसके तुरंत बाद सुरक्षा कर्मी सक्रिय हुए और उसे कोर्टरूम से बाहर ले गए।
हंगामे के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा- “वह बहुत परेशान है, यह सब हताशा है। हमें उसके लिए केवल सहानुभूति है।”
कोर्ट ने नहीं लिया एक्शन
हंगामे के बावजूद, बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अदालत की अवमानना या कोई दूसरी कार्रवाई न करने का फैसला किया। जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, “हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। जहां तक मामले के गुण-दोष की बात है, हमने रिकॉर्ड देख लिए हैं और हमें विवादित आदेश में दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला। स्पेशल लीव पिटीशन खारिज की जाती है।”

सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता के मामले:
CJI पर कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश हुई थी

सुप्रीम कोर्ट में 10 जून 2025 को एक वकील ने CJI बीआर गवई पर हमला करने की कोशिश की। यह घटना उस समय हुई, जब सीजेआई की बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी। कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों के हवाले से न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि वकील ने सीजेआई की तरफ जूता फेंका। हालांकि जूता उनकी बेंच तक नहीं पहुंच सका। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन उसे पकड़ लिया। बाहर जाते वक्त वकील ने नारा लगाया- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। घटना के बाद CJI ने अदालत में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस सबसे परेशान न हों। मैं भी परेशान नहीं हूं, इन चीजों से मुझे फर्क नहीं पड़ता। पढ़ें पूरी खबर…
————————-
ये खबर भी पढ़ें:
सुप्रीम कोर्ट बोला- फैसलों में AI के फर्जी उदाहरण खतरनाक:ये मिथाइल आइसोसाइनेट जैसे, इससे न्याय व्यवस्था को नुकसान; NCLT का फैसला रद्द
नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए नकली कानूनी उदाहरणों का इस्तेमाल खतरनाक है। कोर्ट ने इसकी गंभीरता समझाने के लिए कहा कि यह खतरा उतना ही बड़ा है, जितना भोपाल गैस त्रासदी में जहरीली (AI) गैस का रिसाव था। पढ़ें पूरी खबर…




