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बिहार में है देश का सबसे रहस्यमयी गर्म जलकुंड, ब्रह्मा ने बनवाया था, देखें तस्वीरें


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बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित ब्रह्मकुंड आस्था, इतिहास और प्राकृतिक रहस्य का अनोखा संगम है. मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने यहां 22 कुंडों का निर्माण कराया था. 45 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी, मलमास मेले की धार्मिक मान्यताएं और देवी-देवताओं के स्नान की कथा इस स्थान को बेहद खास बनाती है.

बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित ब्रह्मकुंड देश के सबसे प्रसिद्ध गर्म जलकुंडों में गिना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने यहां 22 पवित्र कुंडों का निर्माण कराया था ताकि देवी-देवताओं के स्नान की व्यवस्था हो सके. आज भी यह स्थान आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.

मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र राजा बसु ने राजगीर में विशाल यज्ञ कराया था. यज्ञ के दौरान सभी देवी-देवताओं के स्नान के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. तब भगवान ब्रह्मा ने यहां 22 अलग-अलग कुंडों का निर्माण कराया. इन्हीं में ब्रह्मकुंड सबसे प्रमुख माना जाता है.

ब्रह्मकुंड का पानी वर्षभर लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रहता है. माना जाता है कि इसका जल वैभारगिरी पर्वत की सप्तकर्णी गुफाओं और भेलवाडोव तालाब से होकर आता है. पर्वत में मौजूद सल्फर, गंधक और अन्य खनिज तत्वों के कारण पानी प्राकृतिक रूप से गर्म हो जाता है.

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राजगीर का मलमास मेला देशभर में प्रसिद्ध है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में ब्रह्मकुंड में स्नान करने का विशेष पुण्य मिलता है. मेले के दौरान तड़के चार बजे से ही हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए कतार में लग जाते हैं और पूरे महीने यहां धार्मिक आयोजन चलते रहते हैं.

सनातन परंपरा में मलमास को सामान्य शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता. लेकिन मान्यता है कि इसी अवधि में राजगीर सबसे अधिक पवित्र हो जाता है. अग्नि पुराण और अन्य ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि इस समय देवी-देवता राजगीर में निवास करते हैं और ब्रह्मकुंड में स्नान करते हैं.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मलमास के दौरान सभी देवी-देवता राजगीर में आकर वास करते हैं और ब्रह्मकुंड में स्नान करते हैं. यही वजह है कि लाखों श्रद्धालु भी इस अवधि में यहां पहुंचकर स्नान, पूजा और दान-पुण्य करते हैं तथा अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

राजगीर पहुंचना बेहद आसान है. सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पटना है, जो करीब 107 किलोमीटर दूर स्थित है. रेल मार्ग से राजगीर का सीधा संपर्क पटना सहित कई प्रमुख शहरों से है. वहीं सड़क मार्ग से भी पटना, गया, नवादा और आसपास के शहरों से नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं.

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