भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते को दोनों वैश्विक आर्थिक महाशक्तियों की साझा आर्थिक ताकत को सामने लाने वाला बताया है। उन्होंने इस समझौते को व्यापार समझौतों का नया मानक करार दिया। यह समझौता श्रमिक-समर्थक, नवाचार-समर्थक और वृद्धि-समर्थक है, जो भविष्य के व्यापार समझौतों के लिए एक आदर्श खाका प्रस्तुत करता है।
उच्चायुक्त कैमरन ने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता शेष विश्व को यह संदेश देता है कि नियम-आधारित व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम करती है। यह समझौता वैश्विक व्यापार में स्थिरता को बढ़ावा देगा। उन्होंने इस समझौते को एक शक्ति गुणक बताया।
कैमरन के अनुसार, यह समझौता कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में सहायक होगा। यह श्रमिकों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, यह नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और आर्थिक वृद्धि को गति देगा।
क्या यह समझौता भविष्य के व्यापार समझौतों का मार्गदर्शक बनेगा?
उच्चायुक्त कैमरन ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते को भविष्य के व्यापार समझौतों के लिए एक खाका बताया है। उनका मानना है कि यह समझौता अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा। यह द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता वैश्विक व्यापार में नए मानक स्थापित करेगा। यह दिखाता है कि कैसे दो बड़े देश मिलकर काम कर सकते हैं।



