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नई दिल्ली47 मिनट पहले
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सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का शुक्रवार को 20वां दिन है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहते हैं।
वांगचुक ने 20 जुलाई को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में समर्थकों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र के मंदिर में अपनी बात रखेंगे।
वांगचुक ने कहा कि वह बाहर से कमजोर हैं, लेकिन अंदर से मजबूत हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर 20 जुलाई का मार्च सफल नहीं हुआ, तो वह भूत बनकर वापस आएंगे।
डॉक्टरों ने कहा कि वांगचुक के ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को उनकी रोजाना मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए थे।
वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनका वजन 8.9kg तक गिर गया है।

खेड़ा-केजरीवाल की वांगचुक से मुलाकात

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा शुक्रवार को सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने गुरुवार को सोनम से मिलीं। उन्होंने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि देश को वांगचुक जैसा शिक्षा मंत्री चाहिए।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गुरुवार को वांगचुक से मुलाकात की।
CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हैं। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी।
लद्दाख को राज्य बनाने की मांग, वांगचुक 170 दिन जेल में रहे
वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए।
सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।

इरोम ने 16 साल तक अनशन किया, जानें ऐसी ही 5 हड़तालें
देश में पहले भी कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं। महात्मा गांधी से लेकर जी.डी. अग्रवाल तक कई लोगों ने अनशन का सहारा लिया। सबसे लंबी भूख हड़ताल का रिकॉर्ड इरोम शर्मिला के नाम है।
इरोम शर्मिला ने मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने की मांग को लेकर करीब 16 साल (2000-2016) तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्हें जीवित रखने के लिए नाक के जरिए तरल आहार (फोर्स-फीडिंग) दिया जाता था।

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करीब तीन हफ्तों से जारी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के बीच आमिर खान ने पहली बार इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। लंबे समय से सोशल मीडिया पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब आमिर ने कहा है कि उन्हें सोनम वांगचुक की सेहत की चिंता है और वे उम्मीद करते हैं कि वह जल्द अपना अनशन खत्म करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…




