Homeव्यवसायThe Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में बंपर तेजी; सेंसेक्स 965...

The Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में बंपर तेजी; सेंसेक्स 965 अंक उछला, निफ्टी 24300 के पार


दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजारों में मची भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को अपनी मजबूती का लोहा मनवाया। जब अमेरिका से लेकर जापान और यूरोप तक के बाजार लाल निशान में डूबे हुए थे, तब भारतीय निवेशकों ने घरेलू बाजार में चौतरफा खरीदारी कर इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। आईटी शेयरों में आई बंपर तेजी और पहली तिमाही के मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों के दम पर बीएसई सेंसेक्स करीब 965 अंकों की छलांग लगाते हुए बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर के पार निकलने में सफल रहा। विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बीच घरेलू बाजार की यह शानदार बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट सेक्टर की आंतरिक मजबूती को प्रदर्शित करती है।

शुक्रवार को बाजार में क्लोजिंग के समय क्या रहे आंकड़े?

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कारोबार की समाप्ति पर तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 78,151.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, पचास शेयरों पर आधारित मुख्य सूचकांक निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और 272.75 अंक यानी 1.13 प्रतिशत की छलांग लगाकर 24,345.50 के स्तर पर क्लोज हुआ। बाजार में आई इस लगभग सवा फीसदी की तेजी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को काफी बढ़ावा दिया है।

दुनियाभर के बाजारों में गिरावट के बावजूद भारत में तेजी के चार मुख्य कारण क्या हैं?

ग्लोबल मार्केट में मचे हाहाकार के बीच भारतीय शेयर बाजार के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारकों ने काम किया है:


  • आईटी शेयरों में शानदार रैली: दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में हुई भारी लिवाली ने बाजार को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।

  • पहली तिमाही (Q1) के नतीजों का दम: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के शानदार कॉरपोरेट नतीजों ने बाजार के भरोसे को बनाए रखा।

  • रुपये में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी घरेलू बाजार को सहारा दिया।

  • तकनीकी ब्रेकआउट: तकनीकी चार्ट्स पर बाजार के एक अहम बाधा को पार करने से शॉर्ट-कवरिंग और नई खरीदारी को बल मिला।

वैश्विक बाजारों का हाल कैसा रहा और भारत इनसे अलग क्यों दिखा?

शुक्रवार का दिन वैश्विक स्तर पर निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा। यदि दुनिया के अन्य बाजारों पर नजर डालें, तो जापान का टोपिक्स सूचकांक 2.4 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, अमेरिका का एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत नीचे चल रहा था। अन्य एशियाई बाजारों में ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 करीब 0.8 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.8 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट एक प्रतिशत टूट गया। यूरोपीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस वैश्विक मंदी के उलट भारत में चौतरफा खरीदारी का होना यह साबित करता है कि घरेलू मोर्चे पर मजबूत बुनियादी तत्व मौजूद हैं।

किन सेक्टर्स और शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बाजार को आगे बढ़ाने की कमान आईटी और प्राइवेट बैंकों के हाथों में रही। निफ्टी आईटी और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। प्रमुख शेयरों में निजी क्षेत्र के कोटक बैंक का शेयर 4 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ चमका, वहीं आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टीसीएस का शेयर भी 3 प्रतिशत उछलकर बंद हुआ। हालांकि, सभी सेक्टर्स के लिए दिन अच्छा नहीं रहा; निफ्टी फार्मा में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

क्या बाजार की इस चौतरफा तेजी में कोई चिंता की बात भी है?

भले ही दोनों मुख्य सूचकांक (सेंसेक्स और निफ्टी) मजबूती के साथ बंद हुए, लेकिन बाजार का आंतरिक ढांचा यानी मार्केट ब्रेड्थ नकारात्मक रहा। इसका मतलब यह है कि गिरने वाले शेयरों की संख्या चढ़ने वाले शेयरों से कहीं अधिक थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 1,094 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1,844 शेयर गिरावट (Declines) के साथ लाल निशान में बंद हुए। इसके अतिरिक्त, 110 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह स्थिति दर्शाती है कि तेजी मुख्य रूप से बड़ी और हैवीवेट कंपनियों के शेयरों तक ही सीमित थी, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में दबाव बना हुआ था।

बाजार के आगे के सफर को लेकर क्या उम्मीदें हैं?

इस शानदार साप्ताहिक क्लोजिंग के बाद भारतीय शेयर बाजार में आगे भी तेजी का रुख बने रहने की उम्मीद है, बशर्ते घरेलू तिमाहियों के कॉर्पोरेट नतीजे इसी तरह मजबूत आते रहें। हालांकि, वैश्विक बाजारों में जारी गिरावट और अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी जा रही है। यदि आने वाले समय में रुपये की मजबूती बरकरार रहती है और तकनीकी स्तरों पर निफ्टी अपने नए सपोर्ट को बनाए रखता है, तो बाजार जल्द ही नई ऊंचाईयों को छू सकता है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments