हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विमानन कंपनी इंडिगो को जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इंफोसिस ने लाभ दर्ज करने के बावजूद अपना वार्षिक राजस्व अनुमान कम कर दिया। इन नतीजों के बाद शुक्रवार को दोनों कंपनियों के शेयर करीब तीन फीसदी तक गिरे।
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर बीएसई पर 2.73 फीसदी गिरकर 4,886.70 रुपये पर बंद हुए। एनएसई पर भी शेयर 2.73 फीसदी की गिरावट के साथ 4,886 रुपये पर आ गए। पिछले साल इसी अवधि में इंडिगो को 2,176.3 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में इंटरग्लोब एविएशन की कुल आय बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, इंफोसिस के शेयर बीएसई पर 2.70 फीसदी गिरकर 1,023.30 रुपये और एनएसई पर 2.32 फीसदी गिरकर 1,023 रुपये पर बंद हुए। भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इंफोसिस ने जून तिमाही के लिए 7,769 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 12.2 फीसदी की वृद्धि है। कंपनी का राजस्व 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया।
इंडिगो को क्यों हुआ नुकसान?
देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो को जून में समाप्त हुई तिमाही में 238 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ। कंपनी ने बताया कि ईंधन मूल्य वृद्धि, प्रतिकूल विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया संघर्ष ने लाभप्रदता पर असर डाला। इन कारणों से कंपनी को 2.4 अरब रुपये का शुद्ध नुकसान हुआ। विदेशी मुद्रा को छोड़कर कंपनी का शुद्ध नुकसान 5.6 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इसी अवधि में कुल खर्चों में भी वृद्धि हुई। इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 66 फीसदी से अधिक है।
इंफोसिस के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
इंफोसिस ने पहली तिमाही में 5,082 मिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व हासिल किया। यह स्थिर मुद्रा में साल-दर-साल 2.4 फीसदी और क्रमिक रूप से 1 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने आशीष कुमार डैश को मुख्य कार्यकारी अधिकारी-नामित भी किया है। उनका नेतृत्व परिवर्तन 1 अप्रैल 2027 को होगा। यह वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलील पारेख के दूसरे कार्यकाल के पूरा होने के बाद होगा। सलील पारेख का कार्यकाल नौ साल का रहा है।
इंफोसिस ने क्यों घटाया अपना अनुमान?
इंफोसिस ने पूरे साल के लिए अपने राजस्व अनुमान की ऊपरी सीमा को कम कर दिया है। अब यह 1.5 फीसदी से 3 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। कंपनी ने इस बदलाव का कारण व्यापक आर्थिक अनिश्चितता को बताया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलील पारेख ने कहा कि तिमाही के दौरान एक ग्राहक निर्णय के कारण राजस्व पर एक बार का प्रभाव पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापक आर्थिक माहौल अनिश्चित बना हुआ है। कंपनी के कुल तिमाही राजस्व में एआई सेवाओं का योगदान 8.2 फीसदी रहा।



