एमवीआई समिता ने अपनी शादी के वक्त ही सोच लिया था कि वो अपने पति को रास्ते से हटा देगी। दरअसल समिता अपने साथी अजीत के प्यार में पागल थी और दोनों ने देवकुमार को हटाने के लिए बड़ी साजिश रची। समीता ने अपने प्रेमी को 180 से ज्यादा बार फोन किए।
बिहार में एमवाई समिता की साजिश ने उसके पति की जान ले ली। प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करवाने वाली समिता की पूरी साजिश का अब एक-एक कर खुलासा हो रहा है। पता चला है कि नौ साल पहले सीतामढ़ी में बिजली विभाग में तैनाती के दौरान समिता की दोस्ती सहकर्मी अजीत कुमार से हुई थी। दोनो टेक्नीशियन थे। दोस्ती प्यार में बदली। लेकिन, घरवालों ने समिता की शादी देव कुमार गुंजन से करवा दी। शादी के दौरान ही समिता और अजीत ने तय कर लिया था कि आगे चलकर देव कुमार को रास्ते से हटा देंगे। अजीत ने अब तक शादी नहीं की है।
इधर, तीन साल पहले समिता एमवीआई के पद पर तैनात होकर सुपौल आ गई। पति दूर रहते थे, इसलिए समिता अपने प्रेमी से बेरोकटोक मिलती रही। रेल पुलिस की पड़ताल में पता चला कि कई सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में देखने के बाद समिता और अजीत ने ट्रेन में देव कुमार की हत्या की साजिश रची। इसके लिए भीड़-भाड़ वाली ट्रेन को चुना गया। समिता ने पति को उसी ट्रेन से आने के लिए कहा। तय था कि हत्या को इस तरह अंजाम देना है, जिससे यह लूटपाट के दौरान हुई हत्या का मामला लगे।
जांच में खुलासा,एक साल में 186 बार समिता ने किया कॉल
देवकुमार के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को एक नंबर मिला, जो कमीना नाम से सेव था। उस नंबर की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगालने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पिछले एक वर्ष में समिता और उस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन तड़के तीन बजे से लेकर वारदात तक दोनों के बीच लगातार कई बार व्हाट्सएप कॉल हुई थी। यहीं से पुलिस का शक यकीन में बदलने लगा। गिरफ्तारी के बाद प्रेमी अजीत ने पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
तीन गलतियों ने सुलझायी हत्या की गुत्थी
वारदात के तुरंत बाद समिता ने आंसू बहाते हुए पुलिस के सामने लूटपाट के दौरान पति को गोली मारे जाने की कहानी गढ़ी थी। लेकिन, प्रेमी जोड़े ने तीन बड़ी गलतियां की, जिसने पूरी साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा। ट्रेन के डिब्बे में डकैती या किसी अन्य यात्री से लूटपाट की कोई ठोस शिकायत नहीं मिली। निशाना सिर्फ और सिर्फ देव कुमार गुंजन थे। उस दिन समिता और अजीत के बीच कई बार बातचीत हुई थी। पेशेवर शूटर राजू उर्फ धीरज को नालंदा से लेकर ट्रेन तक ट्रैक करने में पुलिस की एटीएस और एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया।
शूटर को चार लाख की सुपारी दी थी
पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए कुल चार लाख की सुपारी तय हुई। शूटर को एडवांस के रूप में 1.60 लाख दिए गए। अजीत ने शूटर की तलाश की थी। शूटर ने हत्या से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर रहे देवकुमार की गतिविधियों की रेकी की। अजीत ने उसे मृतक की फोटो उपलब्ध कराई, जबकि समिता लगातार लोकेशन और यात्रा की जानकारी व्हाट्सएप कॉल के जरिए देती रही। बता दें कि 11 जून को मानसी रेल थाना के बदलाघाट के समीप जनसाधारण एक्सप्रेस में बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारी देव कुमार गुंजन की हत्या उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी।पुलिस ने देव कुमार की पत्नी समिता कुमारी, उसके प्रेमी अजीत कुमार तथा सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है।



