बिहार के खगड़िया जिले से चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपन पति की हत्या करवा दी। मोटरयान निरीक्षक के पद पर तैनात समिता ने पति की हत्या के लिए सुपारी दी थी।
बिहार के खगड़िया जिले में पुणे के ‘केतन’ और मेघालय के ‘राजा रघुवंशी हत्याकांड’ जैसी कहानी सामने आई है। 11 जून को मानसी रेल थाना के बदलाघाट के समीप जनसाधारण एक्सप्रेस में बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारी देव कुमार गुंजन की हत्या उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी। रेल पुलिस ने देव कुमार की पत्नी समिता कुमारी, उसके प्रेमी अजीत कुमार तथा सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। समिता सुपौल जिले में मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) के पद पर तैनात हैं जबकि उसका प्रेमी अजीत नालंदा में बिजली विभाग में ग्रेड-वन टेक्नीशियन है। पुलिस का दावा है कि अधिकारी पत्नी और प्रेमी ने चार लाख रुपये की सुपारी देकर यह हत्या कराई।
यह भी पता चला है कि देव कुमार को चलती ट्रेन में गोली मारी गई ताकि इसे लूटपाट के दौरान हत्या का रूप दिया जा सके। देव कुमार झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले थे और जमुई जिले में बिजली विभाग में कार्यरत थे। रेल एसपी हरिशंकर कुमार ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार सुपारी किलर राजू कुमार पूर्व में घोसी थाने में दर्ज हत्या मामले में जेल जा चुका है और अभी जमानत पर बाहर था। गौर हो कि पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी पर लगा है। इसके पहले मई 2025 में इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी।
लूटपाट की कहानी गढ़ी थी
बिहार के इस कांड में समिता ने पुलिस को बताया कि ट्रेन में लूटपाट के दौरान बदमाशों ने उनके पति को गोली मार दी थी। रेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर पूरा मामला हत्या की साजिश का निकला। पूछताछ में अजीत कुमार ने स्वीकार किया कि उसके और समिता कुमारी के प्रेम संबंध में देव कुमार बाधा बन रहे थे। इसलिए दोनों ने मिलकर सुपारी किलर के जरिए ट्रेन में उनकी हत्या कराई।
शूटर को चार लाख की सुपारी दी थी
पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए कुल चार लाख की सुपारी तय हुई। शूटर को एडवांस के रूप में 1.60 लाख दिए गए। अजीत ने शूटर की तलाश की थी। शूटर ने हत्या से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर रहे देवकुमार की गतिविधियों की रेकी की। अजीत ने उसे मृतक की फोटो उपलब्ध कराई, जबकि समिता लगातार लोकेशन और यात्रा की जानकारी व्हाट्सएप कॉल के जरिए देती रही।



