फर्रुखाबाद में पड़ोसियों को फंसाने के लिए एक बाप ने अपनी ही डेढ़ साल की मासूम बेटी का गला घोटकर मार डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद उसे पश्चतावा होने लगा, कहा कि बहुत बड़ी गलती हो गई है। वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
Crime News: यूपी के फर्रुखाबाद से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। विरोधियों को फंसाने के लिए एक बाप ने अपनी ही डेढ़ साल की मासूम बेटी का गला घोटकर मार डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद कहा कि बहुत बड़ी गलती हो गई है। दरअसल, चार दिन पहले हुई मासूम की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि मामले में मासूम की मां ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों ने इस घटना से पहले मासूम के परिवारवालों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
ये घटना कमालगंज थाना क्षेत्र के गुगौरा गांव का है। पुलिस के अनुसार, गुगौरा गांव में बबलू उर्फ डबलू की डेढ़ साल की बेटी जिज्ञासा की मौत हो गई थी। मासूम की मां खुशबू ने पुरानी रंजिश में ईंट पत्थर चलाने से बेटी के घायल होने के बाद इलाज के लिए न ले जाने देने का आरोप लगाते हुए गांव के ही बबलू, सुरेंद्र, मंशाराम और अंकित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत गला दबाने से होना बताया गया। रिपोर्ट और विवेचना के बाद पुलिस की शक की सुई बार-बार पिता बबलू पर जा रही थी। प्रभारी निरीक्षक राम सहाय सिंह ने बताया कि जब मासूम के पिता से पूछताछ की तो वह टूट गया और सारी घटना कबूल कर ली।
पुलिस के अनुसार आरोपी पिता बबलू ने बताया कि वह मजदूरी करता है। डेढ़ साल की बेटी बीमार रहती थी। काफी इलाज कराया लेकिन वह ठीक नहीं हो रही थी। इलाज के लिए काफी कर्जा ले लिया था। 20 जून को शाम चार बजे मैं मोहम्मदाबाद से घर आया। घर वालों ने बताया कि पड़ोसियों ने मेरे और परिजनों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है। इसके बाद मैंने इन्हें सबक सिखाने की ठान ली। मैंने बेटी का गला दबा दिया। घर वालों को बताया कि विपक्षी लोगों ने ईंट-पत्थर फेंके जिससे मौत हो गई।
गलती हो गई, पश्चाताप करना चाहता हूं…
पुलिस हिरासत में आरोपी पिता बबलू बोला कि मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी है। अब मैं इस गलती का पश्चाताप करना चाहता है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पत्नी से पूछताछ कर रहे थे। इससे मैं डर गया था कि कहीं पत्नी यह बात न बता दे कि ईट पत्थर नहीं फेंका गया। डॉक्टर चर्चा कर रहे थे कि मृत्यु गला दबाने से हुई इसलिए भाई नरबीर की मदद से डॉक्टर और पुलिस पर आरोप लगाने को झूठा बहाना बनाया।



