Fish Farming Business: मछली पालन कैसे करें ?
Fish Farming Business Kya Hai ?
वर्तमान समय में भारत सरकार छोटे से लेकर बड़े सभी उद्योगों को काफी बढ़ावा दे रही है। इन उद्योगों को शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाती है ताकि इन्हें शुरू करने में कुछ सहायता प्राप्त हो सके। आजकल लोगों के बीच मछली पालन का व्यवसाय काफी तेजी से famous होता जा रहा है। आजकल बच्चों से लेकर युवा सभी मछली पालन करना चाहते हैं, कुछ लोग मछली पालन केवल अपने शौक के लिए करना चाहते हैं लेकिन इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो मछली पालन को ही अपना व्यवसाय बनाकर इससे आय अर्जित करना चाहते हैं। अब लोग मछलियां तो पाल लेते हैं परंतु मछली पालन की संपूर्ण जानकारी न होने के कारण उनके अधिकांश मछलियां मर जाती हैं और उन्हें काफी मात्रा में नुकसान उठाना पड़ता है। तो आज हम आपके लिए मछली पालन से संबंधित संपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं कि किस तरह से आपको बहुत ही सावधानी के साथ मछलियों का पालन करके उनसे पैसा कमाना है।
मछली पालन शुरू करने के लिए कुछ आवश्यक चीजें:
1. मछली पालन का तरीका: मार्केट में मछली पालन करने के कई सारे तरीके हैं। लोग अलग-अलग तरह की विधियां इस्तेमाल करके मछली पालन करते हैं। परंतु मछली पालन करने की मुख्य रूप से तीन विधियों है:-
- जाल बनाकर: इस विधि के द्वारा आप मछलियों का पालन बिना किसी तरह के खर्च के कर सकते हैं। इसमें आपको बहुत ज्यादा मेहनत की आवश्यकता होती है। इस विधि में मछलियों का पालन नहर, नदी, तालाब, बांध तथा समुद्र तटीय क्षेत्रों में ही किया जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले जलीय क्षेत्र में मौजूद मछलियों को पड़कर बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है जिससे आप कुछ मात्रा में मुनाफा कमा सकते हैं। इस विधि को करने में आपको काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
- घर पर मछली पालन: मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए शुरूआत में आप घर पर भी मछली पालन कर सकते हैं। मुख्य रूप से इस विधि का प्रयोग उन जगहों पर किया जाता है जहां पर मछली पालन के लिए किसी भी प्रकार का प्राकृतिक या उचित स्थान उपलब्ध न हो। इस विधि में मछलियों का पालन छोटे पैमाने पर किया जाता है। मछलियों को घर पर पलने के लिए बहुत ही कम भूमि की आवश्यकता होती है। इसमें घर पर छोटे तालाब बनाकर या प्लास्टिक टैंक के इस्तेमाल करके मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया जाता है। जिसके लिए ज्यादा व्यक्तियों की आवश्यकता नहीं होती इसे एक व्यक्ति भी आसानी से चला सकता है। इस विधि से मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने में 30 से 40 हजार का खर्च आता है जबकि उत्पादन से होने वाला मुनाफा कई लाखों का होता है। इस विधि से आप लोग 1000 के आसपास मछलियां पालकर एक लाख तक का मुनाफा कर सकते हैं।
- कृत्रिम रूप से बड़े तालाब का निर्माण करके: बड़े पैमाने पर इसका व्यवसाय शुरू करने के लिए कृत्रिम रूप से बड़े तालाब बनाकर उन तालाबों में मछली पालन किया जाता है। यह विधि बड़े पैमाने पर इस व्यवसाय को करने के तरीकों में से सबसे अच्छा तरीका है। यह माना जाता है कि यदि आपको मछली पालन का व्यवसाय शुरू करना है तो आपके लिए सबसे बेहतरीन विधि यही है कि आप मछलियों का पालन कृत्रिम रूप से तलाब बनकर करें। इसका कारण यह है कि इसको बनाने में काफी कम खर्च में बार-बार अधिक उत्पादन किया जा सकता है। इस तरीके से व्यवसाय की शुरुआत करने में रखरखाव की चीजों पर एक बार ही खर्च आता है उसके बाद इसमें कोई भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती तथा इससे लगातार मुनाफा कमाया जाता है। इस विधि में मछलियों की देखभाल भी अच्छी तरह से की जा सकती है जिससे मछली पालन में नुकसान काफी कम हो जाता है।
2. जमीन: इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे पहले जमीन की आवश्यकता होती है। अगर आपके पास खुद की जमीन है तो आपके लिए इस व्यवसाय की शुरुआत करना काफी आसान हो जाता है। यदि आपके पास जमीन नहीं है तो आप रेंट पर जमीन लेकर भी इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।
3. टैंक का निर्माण करना: मछली पालन को शुरू करने के लिए टैंक का होना बहुत आवश्यक है। सामान्य तौर पर सीमेंट एवं कंक्रीट के बड़े-बड़े टैंको को बनाकर उनमें मछलियों का पालन किया जाता ह। इस तरह से बनवाए गए टैंकों को एक बार बनवाने के बाद कई साल तक उपयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान में अलग-अलग प्रकार के टैंक उपकरण बाजार में भी मौजूद है यदि आपका है तो बाजार से टैंकों के उपकरण खरीद कर उन्हें घर में लगा सकते हैं। एक बात ध्यान देने योग्य यह है बैंक की स्थापना ऐसी जगह पर होनी चाहिए जहां पानी की दिक्कत ना हो तथा टैंक में जल के निकासी का प्रबंध अच्छे से किया गया हो ताकि बैंक से पानी बदलने में आसानी हो।
4. मोटर पंप: एक टैंक में कई हजार लीटर तक पानी भरा जाता है जिसे की बर्तन से भरना या निकलना संभव नहीं है इसीलिए टैंकों में पानी भरने एवं बदलने के लिए मोटर पंप की आवश्यकता होती है।
5. अनुकूल वातावरण तैयार करना: यदि आप मछली पालन की व्यवसाय की शुरुआत कर रहे हैं और आपको इस बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है तो आपको बताने की मछली पालन के दौरान अनुकूल वातावरण का होना बहुत आवश्यक है। इसके लिए मछलियों की सर्दी एवं गर्मी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके टैंकों को ऊपर से एक बड़े पर्दे के माध्यम से ढक दिया जाता है। जिसे ढकने के लिए लोहे के पाइपों या सीमेंट के पोलों का इस्तेमाल किया जाता है।
6. मछलियों का चारा एवं दवाई: प्रकृति में मौजूद हर प्राणी को जिंदा रहने के लिए तथा विकास के लिए खाने की आवश्यकता होती है। इसी तरह मछलियों को भी विकास के लिए खाने की आवश्यकता होती है। मछलियों की अलग-अलग प्रजातियों के लिए खाना अलग-अलग प्रकार के खाने की आवश्यकता होती है जो बाजार में दाने के रूप में आसानी से उपलब्ध है। इस दाने को आसानी से बाजार से खरीद कर मछलियों को दिया जा सकता है। मछलियों में होने वाली बीमारियों की जानकारी होना भी बहुत आवश्यक है ताकि सही समय पर उसका इलाज कर सके।
7. टैंक में ऑक्सीजन की आपूर्ति: मछलियां पानी में रहकर ही अपना विकास करती है इसीलिए पानी में ऑक्सीजन की मात्रा हमेशा एक समान रहनी चाहिए। कभी-कभी टैंक में मौजूद पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिसकी आपूर्ति करने के लिए मशीनों द्वारा पानी में ऑक्सीजन का प्रवाह किया जाता है या पानी को बदल दिया जाता है।
इसे भी ज़रूर देखें:
| Fish Farming Site | Official Site |
|---|---|
मछली पालन के व्यवसाय में सबसे मुख्य कार्य मछलियों का चयन करना होता है। मछलियों को चयन करते समय सबसे अच्छी प्रजाति की मछली को ही चुनना चाहिए। वैसे तो मछलियों की बहुत सारी प्रजातियां हैं लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख प्रजातियां कुछ इस प्रकार हैं:-
1. कतला: कतला सबसे तेजी से विकास करने वाली मछली है। उत्तर भारत में यह सबसे अधिक पाली जाती है। इसके पालन में बहुत ही काम खर्चा आता है क्योंकि यह खाने में शैवाल, सदी गली वनस्पतियां, जलीय घास जैसी चीजों को खाती है। बाजार में उसका रेट भी काफी अच्छा देखने को मिलता है। यह 1 साल में लगभग डेढ़ किलो की हो जाती है। इसका अधिकतम वजन 60 किलो तक होता है।
कतला मछली:

2. रोहू: रोहु भी काफी तेजी से बड़ी होने वाली मछली है। यह पानी में जमने वाली काई को अपने भोजन के रूप में खाती है। इसके अलावा यहां जली पेड़ पौधों की सड़ी हुई पत्तियों को भी खाती है। 1 साल के अंदर अंदर राहू मछली की लंबाई 1 फीट तक बढ़ जाती है। इसके भाव भी बाजार में अच्छे हैं।
रोहू मछली:

3. मृगल: मृगल भी काफी तेजी से भी पास करने वाली मछलियों में से एक है। भोजन के रूप में मछलियों की या प्रजाति सड़ी गली पत्तियां एवं मालवे को खाती है जिससे इसके भोजन पर ज्यादा खर्चा भी नहीं होता और उत्पादन होने पर अच्छा मुलाकात भी मिलता है। यहां मछली चलते हुए पानी में अंडे देती है।
मृगल मछली:

4. सिल्वर कार्प: यह मछलियों की सबसे तेजी से बढ़ाने वाली प्रजातियों में से एक है। सिल्वर कार्प मछली 1 साल में ही तीन किलो की हो जाती है। इसके लिए भोजन के रूप में वनस्पतियों को खाते हैं। इन्हें जीवित रहने के लिए बहुत अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन की कमी होने पर या मछली बहुत जल्द मर जाती है इसीलिए इन्हें बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है।
सिल्वर कार्प मछली:

मछली उत्पादन में लाभ: 2 एकड़ में लगभग 8000 मछलियों को टैंक में डाला जाता है। जिनको खरीदने में भोजन देने में एवं उनके रख रखाव में साल भर में लगभग 4 लाख का खर्चा आ जाता है। यदि एक साल बाद प्रत्येक मछली का वजन लगभग 1 किलो माना जाए तो बाजार में इनका मूल्य ₹100 प्रति किलोग्राम के हिसाब से होगा। इस प्रकार एक बार में दो एकड़ में लगभग 8 लाख तक कमाया जा सकते हैं।
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मछली उत्पादन के दौरान ध्यान में रखने वाली कुछ सावधानियां:
मछलियों के खान- पान एवं रखरखाव के अलावा भी कुछ ऐसी सावधानियां है जो मछलियों के उत्पादन के दौरान ध्यान में रखना अति आवश्यक है। अगर मछलियों के उत्पादन के दौरान इन सावधानियां को ध्यान में ना रखा गया तो मछली पालन में बहुत अधिक नुकसान हो सकता है:-
1. मछली पालन की व्यवसाय के लिए बनाए जाने वाले टैंकों का निर्माण खुली जगह में करना चाहिए ताकि यहां सूरज की किरणें सीधी पड़े। इसके अलावा टेंपो को बारिश एवं सर्दी से बचने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी कर लेनी चाहिए।
2. पानी में किट, सीप तथा घोंघे जैसे जीवों को पैदा न होने दे क्योंकि यह मछलियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
3. मछलियों को खाने वाले जीवों से टैंकों की सुरक्षा करना अति आवश्यक है इसीलिए टैंको के चारों ओर जाल बिछा दें।
4. टैंकों में ऑक्सीजन की मात्रा का ध्यान रखें। टैंकों में ऑक्सीजन की मात्रा हमेशा एक समान रहने चाहिए। इसके लिए टैंको मैं ऑक्सीजन नियमित करने वाली मशीन लगा दें तथा पानी को समय-समय पर बदलते रहे।
5. मछलियों में होने वाली बीमारियों एवं उनके इलाज का खास ध्यान रखें।
6. अनुकूल वातावरण एवं मुनाफे के आधार पर मछलियों की अच्छी नस्ल का चयन करें।
ये कुछ खास बातें एवं संपूर्ण तरीका था कि किस तरह से मछली पालन के व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमा सकता है। उम्मीद है कि आपको इससे काफी सहायता मिलेगी एवं मछली पालन के व्यवसाय को शुरू करने में आसानी होगी।



