मंगलवार यानी 28 जुलाई 2026 को भारतीय प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ खुले। वॉल स्ट्रीट में रात भर की बढ़त का असर घरेलू बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखा। हालांकि, एशियाई प्रौद्योगिकी शेयरों में तेज बिकवाली के कारण निवेशक धारणा सतर्क बनी रही।
सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में जोरदार खरीदारी ने घरेलू बाजार को मजबूती प्रदान की। वहीं, बैंकिंग और धातु शेयरों में कमजोरी ने बाजार की समग्र बढ़त को सीमित किया। सुबह करीब 9:20 बजे, बीएसई सेंसेक्स 111.92 अंक या 0.15 फीसदी बढ़कर 76,947.70 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 भी 42.80 अंक या 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 24,038.75 पर पहुंच गया। यह शुरुआती कारोबार में बाजार की मिली-जुली तस्वीर पेश कर रहा था।
बाजार में किसने दर्ज की सबसे बड़ी बढ़त?
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने सोमवार की तेजी को मंगलवार को भी जारी रखा। यह शुरुआती कारोबार में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.48 फीसदी उछला। टीसीएस के शेयरों में 2.78 फीसदी, इंफोसिस में 2.54 फीसदी, टेक महिंद्रा में 2.23 फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.67 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी शेयर भी मजबूत बने रहे, निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक में 0.62 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। रियल एस्टेट और मीडिया सूचकांकों ने भी सकारात्मक दायरे में कारोबार किया।
कौन से क्षेत्र रहे दबाव में?
दूसरी ओर, कुछ क्षेत्रों में हल्की मुनाफावसूली देखी गई, जिससे उनकी बढ़त पर असर पड़ा। पीएसयू बैंक, तेल एवं गैस, धातु और ऑटो शेयरों में गिरावट दर्ज हुई। बैंक निफ्टी 0.08 फीसदी फिसलकर 57,043.95 पर आ गया। यह वित्तीय शेयरों में मिली-जुली प्रवृत्ति का स्पष्ट संकेत दे रहा था। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में अपने लाभ को भुनाना उचित समझा, जिससे कुछ दबाव बना।
व्यापक बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?
व्यापक बाजार का प्रदर्शन काफी सुस्त रहा, जो प्रमुख सूचकांकों की तुलना में कमजोर था। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक लगभग स्थिर बना रहा। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.08 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि प्रमुख शेयरों से परे बाजार में शेयर-विशेष कार्रवाई हो रही थी। निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में ही दिलचस्पी दिखाई।



