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प्‍यार-व्‍यार कुछ नहीं… जज ने सुनाई लवर बॉय को 10 साल की सजा, जानें लव स्‍टोरी में क्‍या था ट्व‍िस्‍ट?


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मुंबई से अपने प्‍यार के जाल में फंसाकर नाबालिक लड़की को नेपाल ले जाने और फिर उसका बार-बार यौन उत्‍पीड़न करने के मामले में पालघर की एक अदालत ने 34 वर्षीय शख्‍स को दोषी मानते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी है. क्‍या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे.

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नाबालिक लड़की का यौन उत्‍पीड़न करने वाले शख्‍स को कोर्ट ने दस साल की कठोर कारावास दी है. (एआई न्‍यूज)

Court News: प्‍यार में आए एक ट्विस्‍ट ने एक लवर बॉय को 10 सालों के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया है. यह सजा सिर्फ दस साल की कठोर कारावास तक सीमित नहीं है, बल्कि कोर्ट ने इस लवर बॉय पर 5 हजार का जुर्माना भी लगाया है. दरअसल, यह मामला नाबालिग लड़की का अपहरण कर नेपाल ले जाने और वहां उसका यौन उत्पीड़न करने से जुड़ा है. इस मामले में महाराष्ट्र के पालघर जिले की एक अदालत ने नेपाल मूल के 34 वर्षीय एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

दरअसल इस मामले की शुरूआत मुंबई के बोरीवली इलाके से हुई थी. यहीं पर नेपाल मूल के नरेंद्र बहादुर पांडे की जान पहचान पड़ोस में रहने वाली 13 साल की एक लड़की से हुई थी. 20 जून 2018 को नरेंद्र बहादुर ने पीड़िता को बोइसर रेलवे स्‍टेशन बुलाया. यहां से वह पीड़िता को अपने साथ लेकर नेपाल स्थिति पैतृक गांव चला गया. उसने पीड़िता को करीब एक महीने तक अपने पैतृक गांव में रखा. नरेंद्र को अच्‍छी तरह से पता था कि पीड़िता नाबालिग है, बावजूद इसके पीड़िता के साथ कई बार यौन उत्‍पीड़न किया. वहीं, पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नरेंद्र बहादुर पांडे को अरेस्‍ट किया था.

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था. उनके बीच जो कुछ भी हुआ, उसको लेकर दोनों के बीच सहमति थी. लेकिन अदालत ने बचाव पक्ष की यह दलील खार‍िज कर दी. अदालत ने कहा कि लड़की नाबालिग थी, इसलिए उसकी सहमति की कोई कानूनी वैधता नहीं है. वहीं, विशेष लोक अभियोजक संजय मोरे ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पीड़िता सहित अभियोजन पक्ष के सात गवाहों से जिरह की गई.

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एआर रहाणे ने दोषी नरेंद्र बहादुर गोरख बहादुर पांडे को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया है. अदालत ने पांडे को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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