ग्रेटर नोएडा के स्कूल में बस ड्राइवर द्वारा 4 महीने तक मूक-बधिर छात्रा से यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी स्कूल बस को रास्ते में रोककर उसकी तरफ अश्लील इशारे करता था और बेड टच करता था।
ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली सातवीं क्लास की दिव्यांग छात्रा के साथ स्कूल और स्कूल बस में यौन शोषण का मामला सामने आया है। बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी बस चालक लवकुश को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी के परिजनों ने पुलिस को बताया कि स्कूल की बस में चालक उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकत, गंदे इशारे, शारीरिक छेड़छाड़ करता था। वह स्कूल में उसका पीछा करने के साथ कक्षा में छेड़छाड़ भी करता था। मंगलवार को छात्रा की एक सहेली ने आरोपी की हरकत के बारे में स्कूल के शिक्षक को बताया। बच्ची की मां ने बताया कि करीब चार महीने से बच्ची परेशान थी। पढ़ने और खेलने में उसका मन नहीं लग रहा था। कुछ दिन पहले छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी, उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था, लेकिन परेशानी की वजह पता नहीं चल पा रही थी। आरोपी चालक लवकुश इटावा का रहने वाला है। स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. हीमा शर्मा ने बताया कि 28 जुलाई को घटना की जानकारी मिलते ही चालक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
चार माह से स्कूल बस चालक का यौन उत्पीड़न सह रही थी छात्रा
नाबालिग मूक-बधिर छात्रा पिछले चार महीने से स्कूल बस चालक के यौन शोषण को सह रही थी। आरोपी चालक ने उसे धमकी दी थी कि अगर मम्मी-पापा को कुछ भी बताया तो जान से मार दूंगा। बच्ची अंदर ही अंदर घुटन महसूस कर रही थी, लेकिन किसी को बता नहीं पा रही थी।
पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने शुक्रवार को बताया कि बच्ची की सहेली ने स्कूल बस चालक की हरकत के बारे में बताया तो पूरा सच सामने आ गया। मां ने जब बच्ची से बातचीत की तो उसने बताया कि स्कूल बस में आरोपी चालक उसकी तरफ अश्लील इशारे करता था। उसे बस में रोक कर बेड टच करता था। स्कूल में भी वह उसे अकेले देखता तो गंदे इशारे करता था। बच्ची आज भी काफी डरी और सहमी हुई है।
पिता ने बताया कि 5 अप्रैल को उनकी बेटी दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की स्पोर्ट्स टीम के अन्य बच्चों के साथ मेरठ में आयोजित एक प्रतियोगिता में भाग लेने गई थी। आरोपी बस चालक ने यहां बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद से आरोपी लगातार बच्ची को परेशान कर रहा था। स्कूल में जब भी वह उसे अकेले देखता तो गंदे इशारे करने लगता। बेटी ने इशारों में यह भी बताया कि एक दिन आरोपी चालक ने उसे कागज पर अपना मोबाइल नंबर भी दिया था, लेकिन बच्ची ने फाड़कर फेंक दिया। उसने धमकी दी कि अगर मम्मी-पापा को कुछ भी बताया तो जान से मार दूंगा। इससे बच्ची डर गई और चुपचाप उसकी आरोपी की हरकत सहती रही।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने बताया कि छात्रा मेरठ में प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए स्कूल की स्पोर्ट्स टीम के साथ गई थी। परिजनों को बच्ची से हुई घटना के बारे में पता चला तो 28 जुलाई को इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पीड़िता पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में बसों का संचालन करने वाले विभाग को नोटिस जारी कर चालक की नियुक्ति, उसके वेरिफिकेशन से जुड़े दस्तावेज के अलावा अन्य जानकारी मांगी गई है। पुलिस स्पोर्ट्स टीम के साथ गए शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज करेगी।
बचपन से ही मूक-बधिर
परिजनों ने बताया कि उनकी बच्ची बचपन से मूक-बधिर है। उसे दोनों कानों से सुनाई नहीं देता। वह इशारों में ही बात करती है। दिल्ली के एम्स में उसका इलाज हुआ, जिसके बाद वह मामूली सुनने लगी है। बताया जा रहा है कि परिवार के दो अन्य बच्चे भी मूक-बधिर है।
एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना भी सामने आ चुकी
ग्रेटर नोएडा के एक नामी स्कूल में 12 जुलाई 2018 को साढ़े तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। घटना के समय बच्ची स्वीमिंग पूल के समीप मौजूद थी। इसी बीच स्विमिंग पूल का लाइफ गार्ड चंडीदास बच्ची को एक दीवार के पास ले गया और दरिंदगी की। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
शूटिंग की राष्ट्रीय चैंपियन है नाबालिग
परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी शूटिंग की खिलाड़ी है। उसने हाल ही में शूटिंग प्रतियोगिता में स्टेट चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीता है। इससे पहले वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। इस घटना के बाद से बच्ची काफी सहमी हुई है। इस कारण खेल-कूद में भी उसका मन नहीं लग रहा।
सहेली की हिम्मत से खुलासा हुआ
स्कूल बस चालक ने दिव्यांग बच्ची को काफी डरा-धमका कर रखा हुआ था। बच्ची आरोपी की हरकत के बारे में किसी को कुछ बता नहीं पा रही थी। पढ़ाई के अलावा खेल में भी उसका मन नहीं लग रहा था, लेकिन घटना की जानकारी होते ही बच्ची की सहेली ने हिम्मत दिखाई, जिससे मामले का खुलासा हो पाया।
मेरठ जाने के दौरान यह घटना हुई : प्रिंसिपल
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. हीमा शर्मा ने कहा कि बच्ची के साथ स्कूल के अंदर कोई घटना नहीं हुई। यह घटना मेरठ जाने के दौरान हुई। लगभग चार महीने पहले छात्र शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए कोच के साथ मेरठ गई थी। बस चालक के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं वैध थे। चार महीने बाद हमें बस चालक के विरुद्ध एक छात्रा के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत के अनुसार, वह छात्रा को बार-बार फोन कर उससे बात करने का प्रयास कर रहा था, जिससे छात्रा असहज थी। घटना की जानकारी हमें 28 जुलाई को मिली। तत्पश्चात अभिभावकों को तत्काल बुलाया गया। चालक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं और पुलिस के हवाले कर दिया गया।



