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Mohansingh Parmar Murder News: महाराष्ट्र के वसई में GSM Foils के MD मोहनसिंह परमार पर हुए गोलीकांड की जांच में पुलिस ने चौंकाने वाला दावा किया है. पुलिस के मुताबिक कंपनी के को-चेयरमैन सागर भनुशाली ने कथित तौर पर परमार की हत्या की साजिश रची. जांच में सामने आया कि भनुशाली को शेयर बाजार में करीब 55 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था और उस पर करीब 32 करोड़ रुपए की वित्तीय देनदारी थी. पुलिस का आरोप है कि कंपनी पर कंट्रोल बढ़ाने और आर्थिक संकट से निकलने के लिए हत्या की योजना बनाई गई. पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले में डिजिटल और वित्तीय सबूतों की जांच जारी है.
वसई में GSM Foils MD मोहनसिंह परमार पर गोलीकांड में पुलिस ने कंपनी के को-चेयरमैन सागर भनुशाली को मास्टरमाइंड बताया है. (फोटो NW18)
न्यूज18 मराठी
Maharashtra News: मुंबई से सटे वसई में 26 जुलाई की दोपहर गोलियों की आवाज ने एक कारोबारी पर हमले की कहानी शुरू की थी. बाइक पर आए दो हमलावरों ने GSM Foils के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहनसिंह परमार को निशाना बनाया. गोली उनके कंधे में लगी. इसके बाद हमलावरों ने दोबारा फायरिंग की कोशिश की लेकिन पिस्टल जाम हो गई. बस यहीं से पूरी कहानी ने पलटी खाई. परमार बच गए और अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई बाहर के किसी दुश्मन पर नहीं, बल्कि कंपनी के भीतर बैठे एक बड़े पदाधिकारी पर जा टिकी. पुलिस का दावा है कि कंपनी के को-चेयरमैन सागर भनुशाली ने ही परमार को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी.
कहानी में शेयर बाजार का नुकसान, करोड़ों रुपए की देनदारी और कंपनी पर कंट्रोल हासिल करने की कथित योजना है. पुलिस के मुताबिक, 33 साल का सागर भनुशाली शेयर बाजार में करीब 55 करोड़ रुपए गंवा चुका था. वह कथित तौर पर कई लोगों का पैसा भी चुकाने की स्थिति में नहीं था. इसी आर्थिक संकट से निकलने के लिए उसने परमार पर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी करीब 32 करोड़ रुपए में खरीदने का दबाव बनाया. जांच अधिकारियों का मानना है कि जब बात उसके मुताबिक नहीं बनी तो कथित तौर पर उसने परमार को ही खत्म करने की योजना बना डाली.
32 करोड़ की देनदारी से शुरू हुई हत्या की कथित साजिश
- पुलिस के अनुसार भनुशाली के सामने दो बड़ी परेशानियां थीं. एक तरफ शेयर बाजार में करीब 55 करोड़ रुपए का नुकसान था. दूसरी तरफ कंपनी से जुड़ी करीब 32 करोड़ रुपए की वित्तीय देनदारी का दबाव था. पुलिस का दावा है कि इसी संकट ने हत्या की कथित साजिश को जन्म दिया. आरोप है कि भनुशाली चाहता था कि परमार की हिस्सेदारी खरीदने की जिम्मेदारी खत्म हो और कंपनी पर उसका नियंत्रण भी बढ़ जाए.
- वसई के नाइकपाड़ा इलाके में 26 जुलाई को दो बाइक सवार हमलावरों ने परमार पर गोली चलाई. एक गोली उनके कंधे में लगी. हमलावर दूसरी गोली चलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हथियार जाम हो गया. इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए. परमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर बताई गई है.
₹40 लाख में कॉन्ट्रैक्ट किलर्स, पहले दिए ₹5 लाख
पुलिस की जांच में कथित तौर पर हत्या की सुपारी का एंगल भी सामने आया है. पुलिस का दावा है कि सागर भनुशाली ने कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को करीब 40 लाख रुपए देने का सौदा किया था. इनमें से 5 लाख रुपए बतौर एडवांस दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है. यानी पुलिस के मुताबिक यह हमला अचानक गुस्से में किया गया वार नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी और पैसे का लेन-देन था.
यूपी से पकड़ा गया कंपनी का को-चेयरमैन
स्थानीय स्तर पर मिले इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने सागर भनुशाली को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया. उसके अलावा छह अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की पूरी योजना किसने बनाई, हमलावरों तक कौन पहुंचा और पैसों का लेन-देन किस तरीके से हुआ.
पुलिस ने क्या कहा?
- अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे ने मामले में कहा, ‘सागर भनुशाली ने परमार की हत्या की साजिश इस सोच के साथ रची कि इससे उसकी वित्तीय देनदारी खत्म हो जाएगी और कंपनी पर उसका नियंत्रण भी बढ़ जाएगा.’
- पुलिस अब इस केस को सिर्फ गोलीकांड मानकर नहीं चल रही है. जांच में वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल और वित्तीय सबूत जुटाए जा रहे हैं. कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियां, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के आपसी संपर्क की भी जांच हो रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस कथित साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल था.
- फिलहाल सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 55 करोड़ रुपए के कथित शेयर बाजार नुकसान और 32 करोड़ रुपए की वित्तीय देनदारी ने आखिर किस तरह कारोबारी रिश्तों को कथित हत्या की साजिश तक पहुंचा दिया. परमार की जान बच गई, लेकिन जांच ने कंपनी के अंदर चल रही कथित आर्थिक खींचतान की एक ऐसी कहानी सामने ला दी है, जिसमें कारोबारी साझेदारी, कर्ज और कंपनी पर नियंत्रण की लड़ाई सब एक साथ जुड़ते नजर आ रहे हैं.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…
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