Homeअपराधकिसी ने बेची जमीन तो किसी ने गिरवी रखें गहने, कैसे डबल...

किसी ने बेची जमीन तो किसी ने गिरवी रखें गहने, कैसे डबल की गारंटी देकर 12वीं पास मास्टरमाइंड ने ठगे करोड़ों?


मध्य प्रदेश के बालाघाट में एमपी का सबसे बड़ा डबल मनी स्कैम हुआ है. यहां पर चिटफंड कंपनी के नाम पर लोगों से पैसे लिए जाते और उन पैसों को दोगुना रिटर्न का दावा किया जाता था. साल 2016-17 में शुरू हुई इस पोंजी स्कीम के जरिए साल 2022 तक सिस्टम के नाक के नीचे चलती रही. इस स्कीम न सिर्फ बालाघाट की नहीं बल्कि पास के दो जिलों के भी लोगों को घेरे में लिया गया. बालाघाट पुलिस की मानें तो यह स्कैम 600 करोड़ रुपए है. डबल मनी स्कैम के मास्टरमाइंड के रूप में 12वीं पास सोमेंद्र कंकरायने को देखा जाता है. सोमेंद्र के पीछे कौन था और उसकी टीम के वो खास लोग कौन है, जो उसका काला कारोबार संभालते थे?

12वीं तक की पढ़ाई के बाद सोमेंद्र बालाघाट बी. कॉम की पढ़ाई के लिए आया था. लेकिन समय से पहले ही पढ़ाई छोड़ दी और अपने गांव बोलेगांव वापस चला गया. इसके बाद उसने अनाज का व्यवसाय शुरू कर दिया. इसमें वह किसानों से अनाज खरीदता और उसे डंप कर देता था. वहीं, जब मार्केट में शॉर्टेज होती या फिर अनाज की कीमतों में उछाल आता, तो वह अनाज को मार्केट में उतार देता था. इससे उसे अच्छा मुनाफा होता था. लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब सोमेंद्र को रियल एस्टेट का चस्का लगाना पड़ा. इसके बाद वह माय होम्स में इन्वेस्ट करने लगा. ऐसे में पहले उसने अपनी पैतृक जमीन बेचकर इसमें इन्वेस्ट किया फिर अपने रिश्तेदारों की. लेकिन साल 2019 में उसे पहली बार झटका लगता है और माय होम कंपनी भी उसे धोखा दे देती है. लेकिन इसके बाद भी वह नहीं संभाला और अपने डबल मनी पौंजी स्कैम में और लोगों को लपेटे में रहा.

क्या है कंकरायने का पावर कनेक्शन
इधर, पूर्व विधायक हिना कावरे ने भरे मंच से बीजेपी जिलाध्यक्ष राामकिशोर कावरे पर आरोप लगाया था कि आपने तो अपना पैसा ले लिया लेकिन गरीबों के पैसों का क्या. इस पर वह कहती है कि कई लोग उनके पास आते थे और कहते थे कि बीजेपी नेता ने अपना पैसा निकाल लिया लेकिन हमारा अटक गया. ऐसे में मंच से रामिकिशोर कावरे का कोई जब यह जवाब नहीं आया.

उधर, पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया कि जब सोमेंद्र कंकरायने को पहली बार गिरफ्तार किया गया था. तब बीजेपी नेता रमेश भटेरे उससे जेल में मिलने जाते थे और उसके लिए खाना भी पहुंचाते थे. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और रामकिशोर कावरे पर भी इसी तरह के गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा कि रमेश भटेरे सोमेंद्र कंकरायन को इस काम में संरक्षण देता था.

तीन दोस्त और डबल मनी स्कीम
साल 2019 में सोमेंद्र कंकरायने के यहां काम करने वाले हेमराज आमाडारे और अजय तिड़के शुरुआत में सोमेंद्र के साथ काम करते थे. इसमें हेमराज सोमेंद्र के लिए काम किया करता था. सोमेंद्र ने साल 2019 के बाद से एक साल में निवेश की गई रकम को दोगुना यानी डबल करने की स्कीम चलाई थी. फिर कुछ समय बाद उसके हेमराज आमाडारे ने स्कीम में बदलाव कर महज 9 महीने में पैसा डबल करने की स्कीम चलाई. फिर जब भांडा फूटने ही वाला था कि अजय ने तीन महीने में पैसा डबल की स्कीम चलाई थी. ऐसे में यह खोखली डबल स्कीम का भांडा फूटने लगा. यह वह समय था जब बड़ी रकम लगाने वाले रसूखदार अपने पैसों के लिए गुंडों का भी इस्तेमाल करने लगे थे. वहीं, ऐसी जनचर्चा है कि एक बड़े नेता ने डबल मनी के मास्टर माइंड को हफ्ते भर तक अगवा करके रखा और दो करोड़ निवेश कर चार करोड़ वसूल लिए.

क्या वाकई में होता था पैसा डबल?
शुरूआत में कई ऐसे लोग थे, जिनका पैसा डबल कर आरोपियों ने लौटाया था. लेकिन इनके पास ऐसा कोई इन्वेस्टमेंट प्लान नहीं था, जिसमें पैसा डबल हो. एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया था कि वह सिर्फ खोखली स्कीम थी, जिसमें पुराने निवेशकों को नए निवेशकों का पैसा लौटाया जाता था. इसमें कई निवेशकों उन्हीं पैसों को डबल करवाने के लिए डबल हुआ पैसा फिर से निवेश कर दिया करते थे. लेकिन जब एक समय बाद जब देनदार से ज्यादा लेनदार हुए, तो मामला बिगड़ने लगा. 17 मई को सोमेंद्र और उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई थी. इस दौरान सोमेंद्र और उसके साथियों पर बड्स एक्ट 2019 के तहत कार्रवाई की गई. वह 27 जुलाई 2022 को जमानत पर बाहर आया. अब फिर से वह पुलिस की गिरफ्त में है. अब डबल मनी मामले में गिरफ्तार आरोपी 6 अगस्त तक पुलिस रिमांड रहेंगे.

तेज हुई एसआईटी की कार्रवाई
एसआईटी ने आरोपियों के पास से लगभग 18 करोड़ 61 लाख रुपये मूल्य की 122 जमीनों की रजिस्ट्री, 14 करोड़ 82 लाख 24 हजार 291 रुपये मूल्य के 617 चेक, निवेशकों के नाम लिखे 20 रजिस्टर, भूमि ऋण पुस्तिकाएं, पावर ऑफ अटॉर्नी और करीब डेढ़ हजार कोरे चेक बरामद किए थे.

किसी ने अपनी जमीन बेची तो किसी ने गहने गिरवी रखें
बालाघाट पुलिस ने इस मामले में पैसा डबल होने की लालच में आए लोगों के लिए एक डबल मनी हेल्पडेस्क शुरू की है. इसमें लगातार सूची जारी हो रही है और उसी सूची के आधार पर उन्हें बुलाया जा रहा है. ऐसे में सभी का वेरिफिकेशन किया जा रहा है. लोगों का यह भी कहना है कि उन्होंने एजेंट के माध्यम से डबल मनी स्कीम में निवेश किया था. ऐसे में एजेंटों पर कार्रवाई की मांग की गई है.



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments