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Churu News : चूरू में बाल विवाह का दर्दनाक मामला सामने आया है. मामले में दो नाबालिग बहनें ससुराल से रेस्क्यू की गईं हैं. ये नाबालिग बहनें डेढ़ साल से प्रताड़ना सह रही थीं. मामला जब चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची तब उन्होंने कार्रवाई की. पीड़ित बहनों के अनुसार उन्हें बेल्ट से भी पीटा जाता था. बुधवार सुबह भी कथित रूप से सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर कट लगा दिए.
चाइल्ड हेल्प लाइन और संयुक्त टीम की कार्रवाई. बीकानेर की रहने वाली दोनों सगी बहनों को सुरक्षित निकाला गया
चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में बाल विवाह से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर कम उम्र में शादी के गंभीर नतीजों की तरफ ध्यान खींचा है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग सगी बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित रेस्क्यू किया. बताया गया है कि दोनों बहनें करीब डेढ़ साल से प्रताड़ना झेल रही थीं.
बड़ी बहन की शादी 32 साल और छोटी की 26 साल के युवक से
जानकारी के अनुसार बड़ी बहन की शादी 32 वर्षीय युवक से और छोटी बहन की शादी 26 वर्षीय युवक से कराई गई थी. आरोप है कि शादी के करीब छह महीने बाद से ही दोनों बहनों को घरेलू काम के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा. छोटी-छोटी बातों पर डांटना, मारपीट करना और अपमानित करना रोजमर्रा की बात बन गई थी. पीड़ित बहनों के अनुसार उन्हें बेल्ट से भी पीटा जाता था. बुधवार सुबह भी कथित रूप से सास ने उनके साथ मारपीट की और ब्लेड से हाथ पर कट लगा दिए. इसी घटना के बाद मामले की सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन तक पहुंची, जिसके बाद संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की.
सूचना मिलते ही पहुंची टीम, दोनों बहनों को सुरक्षित निकाला
सूचना मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची. टीम ने दोनों नाबालिग बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर संरक्षण में लिया. फिलहाल दोनों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बहनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा. आगे की कार्रवाई समिति के निर्देशों के अनुसार की जाएगी.
छह बेटियां होने की वजह से कम उम्र में कर दी शादी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार परिवार में छह बेटियां होने के कारण पिता ने दोनों बेटियों का विवाह कम उम्र में ही कर दिया था. हालांकि विवाह के बाद दोनों बहनों की पढ़ाई छूट गई और वे ससुराल में रहने लगीं. अब सामने आए घटनाक्रम के बाद पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि कम उम्र में विवाह होने पर बच्चों की पढ़ाई, भविष्य और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है. फिलहाल दोनों नाबालिग बहनें सुरक्षित हैं और संबंधित विभाग आगे की कानूनी और संरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी कर रहा है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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