भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग पर छठी जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक बुधवार को ताशकंद में आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिनेश कुमार और उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग केंद्रीय विभाग के प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल सुखरोबजोन सोदिकजोनोविच सिरोजोव ने की। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में बताया बैठक में संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यास, क्षमता निर्माण, रक्षा शिक्षा और रक्षा उद्योगों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों में विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे।
निर्यातक के रूप में भारत की साख, सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
भारत के रक्षा निर्यातक के रूप में लगातार मजबूत होने के साथ-साथ रक्षा निर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। नई दिल्ली रक्षा क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दे रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए तकनीक के आदान-प्रदान और रक्षा उपकरणों के रखरखाव से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई। यह बैठक नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच हुई चर्चाओं के क्रम में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा और महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े सहयोग को और मजबूत करना है। गौरतलब है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से व्यापक सहयोग रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग जॉइंट वर्किंग ग्रुप के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है, जिसकी स्थापना वर्ष 2019 में हुई थी।
ईस्टर्न रेलवे की माल ढुलाई में महत्वपूर्ण वृद्धि, कोयले की आवाजाही ने बढ़ाया राजस्व
ईस्टर्न रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में माल ढुलाई में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है। इसमें आयातित कोयले की आवाजाही ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कोयला मुख्य रूप से नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के ताप बिजली संयंत्रों तक पहुंचाया गया। ईस्टर्न रेलवे ने 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच 23.14 मिलियन टन कोयले की ढुलाई की। यह 2025-26 की इसी अवधि की तुलना में 7.29 फीसदी अधिक है। कोयला ढुलाई से राजस्व में 13.22 फीसदी की वृद्धि हुई, जो 2,263.20 करोड़ रुपये रहा। सभी वस्तुओं की कुल माल ढुलाई 33.391 मिलियन टन रही, जो 2.43 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। इस अवधि में कुल माल राजस्व 3,192.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 4.89 फीसदी अधिक है। एक अधिकारी ने बताया कि इससे अर्थव्यवस्था को गति मिली और स्थानीय उद्योगों को लाभ हुआ। अतिरिक्त राजस्व से ट्रैक आधुनिकीकरण और बेहतर स्टेशन सुविधाओं पर खर्च किया जा सकेगा।



