Delhi Gagan Vihar Murder Case: 30 जुलाई की दोपहर दिल्ली के गगन विहार में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था. घर में सन्नाटा था और कुछ देर के लिए कमल सिंह और उनकी पत्नी कोमल ही मौजूद थे. फिर करीब 12:45 बजे अचानक उस घर में चीख गूंजी. पुलिस के मुताबिक कोमल बालकनी में कपड़े टांग रही थीं, तभी पीछे से उन पर हमला हुआ. वह जान बचाकर किचन की तरफ भागीं, लेकिन कुछ ही मिनट बाद लिविंग रूम में उनकी जिंदगी खत्म हो गई. पूरी वारदात करीब 10 मिनट में खत्म हो गई. इसके बाद कहानी में अगला किरदार आया खुद कमल. पुलिस का दावा है कि उसने खून से सने कपड़े समेटे, हथियार बैग में छिपाया, करीब 15 मिनट तक नहाया और फिर ऐसे घर से निकला जैसे कुछ हुआ ही न हो.
लेकिन इस कहानी में सबसे अजीब मोड़ अभी बाकी था. जिस घर में हत्या हुई, वहां परिवार पिछले कुछ हफ्तों से एक क्राइम वेब सीरीज देख रहा था. सीरीज की कहानी में भी एक पत्नी की हत्या होती है और जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है हत्या का हथियार आखिर गया कहां? गगन विहार के इस केस में भी पुलिस को मौके पर हत्या का हथियार नहीं मिला. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी के घर से निकलने के बाद करीब 12 लाख रुपए निकालने, रास्ता बदलने और नेपाल भागने की कोशिश ने शक को और गहरा कर दिया. बेटा गौरव जब रात में घर लौटा और मां को खून से लथपथ देखा, तब इस पूरी कहानी का पर्दा उठा. इसके बाद शुरू हुई पुलिस की वह तलाश, जिसमें सीसीटीवी, बैंक ट्रांजैक्शन और गायब हथियार ने एक-एक करके राज खोलने शुरू किए.
वेब सीरीज से असल कत्ल तक पहुंची कहानी
पुलिस के मुताबिक हत्या से पहले परिवार के घर में HBO की क्राइम सीरीज ‘द स्टेयरकेस’ देखी जा रही थी. सीरीज की कहानी अमेरिका के एक चर्चित मर्डर केस पर आधारित है. इसमें पत्नी की हत्या के मामले में पति पर शक होता है और जांच के दौरान सबसे बड़ा पेंच हत्या के हथियार के गायब होने का रहता है. पुलिस का कहना है कि गगन विहार की इस वारदात में भी हथियार को गायब करने की कोशिश हुई. हालांकि, यह बात जांच का हिस्सा है कि सीरीज ने आरोपी की सोच को किस हद तक प्रभावित किया. कमल और कोमल के रिश्ते में काफी समय से तनाव था. पुलिस के अनुसार मुंबई की एक यात्रा के बाद कमल का दूसरी महिला से कथित संबंध शुरू हुआ और इसके बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई. दोनों एक ही घर में रहते थे, लेकिन पुलिस का दावा है कि घर के भीतर भी उनके हिस्से अलग हो चुके थे. बिजली के अलग मीटर तक लगाए गए थे. बच्चों के आने-जाने को लेकर भी तनाव रहता था. इसी बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद ने हालात और बिगाड़ दिए.
प्रॉपर्टी विवाद बना आखिरी चिंगारी
पुलिस के मुताबिक कमल चाहता था कि परिवार की एक संपत्ति उसके पिता के नाम दर्ज हो. कोमल को आशंका थी कि इससे वह और उनके बच्चे परिवार की संपत्ति में अपने अधिकार से बाहर हो सकते हैं. उन्होंने संपत्ति में अपना नाम भी रखने की मांग की. यही बात दोनों के बीच लगातार विवाद की वजह बनी. पुलिस का दावा है कि जुलाई तक कमल ने पत्नी की हत्या की योजना बना ली थी. 30 जुलाई को मौका भी उसे वैसा ही मिला. पुलिस के अनुसार घर में उस समय बच्चे और घरेलू सहायिका मौजूद नहीं थे. करीब 12:45 बजे कमल कोमल के पास पहुंचा. कोमल बालकनी में कपड़े टांग रही थीं. आरोप है कि कमल ने पीछे से तलवार के पिछले हिस्से से उनके सिर पर वार किया. चोट के बावजूद कोमल गिरी नहीं. वह चीखते हुए भागीं और किचन में छिप गईं. पुलिस के मुताबिक कमल ने उन्हें वहां से पकड़ा और बाल पकड़कर लिविंग रूम तक खींच लाया.
10 मिनट में हत्या, फिर 15 मिनट का शॉवर
पुलिस के अनुसार इसके बाद कमल ने कैंची से कोमल पर कई वार किए. करीब 12:55 बजे तक हत्या हो चुकी थी. यानी पूरी वारदात में लगभग 10 मिनट लगे. इसके बाद कमल ने कथित तौर पर खून से सने कपड़े और तलवार एक बैग में रखे. तलवार का सिरा बाहर दिख रहा था, इसलिए उसने उसे तकिए के कवर से ढक दिया. फिर करीब 15 मिनट तक नहाया और कपड़े बदले. पुलिस के मुताबिक, वह स्कूटर से घर से निकला और उसका शुरुआती इरादा नेपाल भागने का था.
12 लाख रुपए, बैंक और बदलता रहा भागने का रास्ता
घर से निकलने के बाद कमल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के कमरे से करीब 5 लाख रुपए लिए. इसके बाद उसने दो अलग-अलग बैंकों से करीब 2 लाख और 5 लाख रुपए और निकाले. यानी उसके पास कुल रकम करीब 12 लाख रुपए हो गई. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से उसके मूवमेंट की अहम जानकारी मिली. फुटेज में कथित तौर पर वह हथियार वाला बैग लेकर जाता दिखा. पुलिस का कहना है कि कमल ने पहले बैग को एक सुनसान जगह पर फेंक दिया. इसके बाद वह गोरखपुर की तरफ बढ़ा. माना जा रहा था कि वह वहां से नेपाल निकल सकता है. लेकिन रास्ते में उसे शक हुआ कि बॉर्डर पर पुलिस की निगरानी बढ़ सकती है. उसने रास्ता बदला और मथुरा की तरफ चला गया. पुलिस के मुताबिक, जांच टीम को 2 अगस्त को उसके फिर नेपाल जाने की योजना का पता चला. इसके बाद उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास पकड़ लिया गया.
गायब हथियार ने पुलिस को दिया सबसे बड़ा सुराग
इस केस में हथियार का गायब होना शुरुआत से ही अहम कड़ी था. पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कमल की संभावित भागने की दिशा को ट्रैक किया. इसी दौरान हथियार को बैग में ले जाने से जुड़ा फुटेज जांचकर्ताओं के हाथ लगा. पुलिस के मुताबिक, कमल ने हथियार इसलिए फेंका ताकि उसके खिलाफ सबूत कमजोर हो जाएं. लेकिन जांच में सीसीटीवी फुटेज, बैंक ट्रांजैक्शन और उसके रूट ने कहानी की कई कड़ियों को जोड़ दिया. यह केस इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घर में देखी जा रही एक क्राइम वेब सीरीज की कहानी और असल जिंदगी की वारदात में एक अजीब समानता सामने आई है. हालांकि, पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले सबूत ही यह तय करेंगे कि हत्या की पूरी साजिश कैसे बनी और वेब सीरीज का इसमें वास्तव में कितना असर था. फिलहाल पुलिस के मुताबिक, एक पारिवारिक विवाद, कथित अफेयर, प्रॉपर्टी का झगड़ा और हत्या के बाद भागने की कोशिश ने गगन विहार के इस मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है.



