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दीपू रुको… कहकर काट दिया फोन, फिर पुलिस ने खोला ऐसा राज, परिवार भी रह गया दंग


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दीपू रुको.. कहकर काट दिया फोन, फिर पुलिस ने खोला ऐसा राज, परिवार भी रह गया दंग

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दिल्ली के रोहिणी में एक 35 वर्षीय व्यक्ति के अपहरण का मामला उस समय पलट गया, जब पुलिस ने उसे गाजियाबाद से सकुशल बरामद कर लिया. जांच में खुलासा हुआ कि वह पिछले एक साल से बेरोजगार था और परिवार से यह सच छिपाने के लिए रोज नौकरी पर जाने का नाटक करता था. कर्ज और वसूली एजेंटों के दबाव से परेशान होकर उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी.

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बेरोजगारी और देनदारों से परेशान एक युवक ने अपने ही अपहरण का नाटक रच दिया. (एआई इमेज

नई दिल्ली. दिल्ली के रोहिणी में एक 35 वर्षीय व्यक्ति के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मचा हुआ था. पहले उसने पिता को फोन कर कहा कि वह जल्द घर पहुंच जाएगा. कुछ मिनट बाद छोटे भाई को कॉल किया और घबराई आवाज में सिर्फ दीपू… दीपू… रुको… कहकर फोन काट दिया. इसके बाद मोबाइल बंद हो गया. सड़क किनारे उसकी कार लावारिस मिली तो परिवार को लगा कि उसका अपहरण हो गया है. लेकिन जब पुलिस ने उसे गाजियाबाद से बरामद किया तो पूरी कहानी बिल्कुल अलग निकली.

पुलिस के अनुसार, रोहिणी निवासी यह व्यक्ति 3 अगस्त को रोज की तरह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था. रात करीब 8:05 बजे उसने पिता को फोन कर बताया कि वह जल्द घर लौटेगा. कुछ देर बाद उसने कहा कि रोहिणी सेक्टर-28 के पास उसकी कार एक बुजुर्ग दंपती की गाड़ी से हल्की टकरा गई है और वह उन्हें उनके गंतव्य तक छोड़ने जा रहा है. इसके कुछ ही मिनट बाद उसने अपने छोटे भाई को फोन किया. कॉल पर सिर्फ दीपू… दीपू… रुको… सुनाई दिया और अचानक फोन कट गया. इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.

पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का केस
परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. बाद में रोहिणी सेक्टर-28 के पास उसकी कार लावारिस हालत में मिली. इससे परिवार को अपहरण की आशंका हुई और शाहबाद डेयरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने संदिग्ध अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसे गाजियाबाद के कौशांबी मेट्रो स्टेशन बस स्टैंड के पास ढूंढ निकाला. इसके बाद, पूछताछ में उसने जो बताया, उसे सुनकर पुलिस और परिवार दोनों हैरान रह गए.

रोज नौकरी पर जाने का कर रहा था नाटक
पुलिस के अनुसार, व्यक्ति करीब एक साल से बेरोजगार था. उसने यह बात परिवार से छिपा रखी थी और हर सुबह नौकरी पर जाने का नाटक करता था. इस दौरान उसने कई वित्तीय कंपनियों से कर्ज भी ले लिया था. किस्तें नहीं भर पाने के कारण वसूली एजेंट लगातार दबाव बना रहे थे. पूछताछ में उसने बताया कि आर्थिक तंगी, कर्ज और परिवार के सामने सच आने के डर से उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच दी. वह जानबूझकर घर छोड़कर अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा ताकि कोई उसे पकड़ न सके. हालांकि पुलिस की जांच में पूरा मामला खुल गया और उसे सकुशल परिवार के पास पहुंचा दिया गया.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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