क्रेडिट कार्ड पर हर साल लगने वाले वार्षिक शुल्क से हर कोई बचना चाहता है। कई बार आपने सुना होगा कि लोग अपने रेगुलर या पेड क्रेडिट कार्ड को लाइफटाइम फ्री कार्ड में बदलवा लेते हैं। लेकिन बैंक यह फैसला कैसे लेते हैं और आप अपना कार्ड लाइफटाइम फ्री कैसे करवा सकते हैं? आइए इसे समझते हैं-
लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड क्या है?
लाइफटाइम फ्री कार्ड वह कार्ड है, जिसमें आपसे कभी भी जॉइनिंग फीस या एनुअल रिन्युअल फीस नहीं ली जाती। हालांकि, फ्री शब्द केवल कार्ड रखने के शुल्क पर लागू होता है। यदि आप बिल भुगतान में देरी करते हैं, तो ब्याज, लेट पेमेंट चार्ज और एटीएम कैश विड्रॉल फीस जैसे शुल्क लागू रहते हैं।
बैंक कब कार्ड को लाइफटाइम फ्री बनाते हैं?
बैंक क्रेडिट कार्ड को लाइफटाइम फ्री किसी दया या तोहफे के तौर पर नहीं, बल्कि अपने ग्राहक को रोके रखने के लिए करते हैं। नया ग्राहक बनाने में बैंक को जितना खर्च करना पड़ता है, उसकी तुलना में एक पुराने ग्राहक को रोके रखना काफी सस्ता पड़ता है।
- बैंकों की कमाई का जरिया सिर्फ वार्षिक शुल्क नहीं होता। वे आपके द्वारा कार्ड स्वाइप करने पर मिलने वाले मर्चेंट डिस्काउंट/इंटरचेंज शुल्क, ईएमआई और ट्रांजेक्शन वॉल्यूम से भी अच्छा राजस्व कमाते हैं। इसलिए यदि आप क्रेडिट कार्ड का नियमित इस्तेमाल करते हैं और समय पर बिल चुकाते हैं, तो बैंक आपका वार्षिक शुल्क माफ करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
क्या है सबसे कारगर तरीका?
अगर आपके पास एक अच्छा रीपेमेंट रिकॉर्ड है और आप नियमित रूप से कार्ड का उपयोग करते हैं, तो कार्ड को लाइफ टाइम फ्री कराने की सबसे आसान ट्रिक है, कार्ड कैंसिलेशन/क्लोजर रिक्वेस्ट।
- जब आप बैंक से कार्ड बंद करने की कहते तो बैंक का रिटेंशन डिपार्टमेंट आपसे संपर्क करता है। एक जिम्मेदार ग्राहक को खोने के बजाय, बैंक अक्सर आपको कार्ड बंद न करने के बदले में उस पेड कार्ड को लाइफटाइम फ्री करने या आने वाली वार्षिक फीस माफ करने का ऑफर दे देते हैं।
- इसके अलावा, यदि आप हर साल बैंक द्वारा तय की गई खर्च सीमा को लगातार पूरा करते हैं, तो कई बैंक आपके कार्ड को स्थायी रूप से फ्री कर देते हैं।



