Homeव्यवसायअनिल अंबानी समूह पर ईडी का शिकंजा: दो मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में...

अनिल अंबानी समूह पर ईडी का शिकंजा: दो मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में चार्जशीट दाखिल, कितने करोड़ के लेनदेन पर आरोप?


प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। पहले मामले में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, समूह के पूर्व अधिकारी सतीश सेठ और अन्य के खिलाफ दिल्ली की द्वारका स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है। दूसरे मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में मुख्य चार्जशीट मार्च में दाखिल हुई थी। ईडी के मुताबिक दोनों मामलों में वित्तीय लेनदेन और कथित धन के डायवर्जन की जांच की गई है।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामले में 187 करोड़ रुपये का क्या मामला है?

पहला मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की फरवरी में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। ईडी के अनुसार जांच में चार एनएचएआई की टोल रोड परियोजनाओं से करीब 187 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का पता चला। इनमें त्रिची-करूर, त्रिची-दिंडीगुल, सेलम-उलुंदरपेट और जयपुर-रींगस परियोजनाएं शामिल हैं।

एजेंसी का आरोप है कि सितंबर-अक्तूबर 2010 में फर्जी उप-ठेकेदारी के काम और पिछली तारीख के दस्तावेजों के जरिए करीब 187 करोड़ रुपये को अलग-अलग संस्थाओं के माध्यम से भेजा गया। ईडी के मुताबिक रकम निर्माण से जुड़े वास्तविक काम के बजाय ऐसी कंपनियों तक पहुंचाई गई, जिनका सड़क निर्माण से कोई सीधा संबंध नहीं था। एजेंसी ने इस मामले में 187 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां और रिलायंस पावर के शेयर भी जब्त किए हैं।

रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में कितनी बड़ी रकम की जांच हो रही है?


  • रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस टेलीकॉम समेत अन्य कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।

  • पूर्व अधिकारियों सतीश सेठ, गौतम दोशी, अमिताभ झुनझुनवाला और अन्य के नाम चार्जशीट में हैं।

  • ईडी का आरोप है कि नई क्रेडिट सुविधाओं का इस्तेमाल पुरानी देनदारियों को चुकाने और कर्ज को घुमाने के लिए किया गया।

  • एजेंसी के मुताबिक रकम अलग-अलग समूह कंपनियों, संस्थाओं और बैंक खातों के जरिए घुमाई गई।

  • ईडी ने इस मामले में अपराध से हासिल रकम करीब 40,185 करोड़ रुपये आंकी है।

  • एजेंसी के अनुसार अब तक करीब 8,078 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं।

सतीश सेठ और गौतम दोशी पर क्या कार्रवाई हुई?

ईडी के मुताबिक सतीश सेठ को जून में गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में हैं। गौतम दोशी को भी जून में गिरफ्तार किया गया, जबकि सतीश सेठ की गिरफ्तारी की तारीख को लेकर दिए गए विवरण में जुलाई का भी उल्लेख है। दोशी ने 2020 में अनिल अंबानी समूह छोड़ा था, जबकि सेठ ने 2025 में समूह से अलग होने की जानकारी दी है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में ईडी का आरोप है कि कर्ज की रकम को समूह की दूसरी कंपनियों की ओर मोड़ा गया और कुछ धनराशि को विदेश में प्रमोटरों की निजी संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने अदालत से अटैच की गई संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। ईडी ने कहा है कि अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments