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Trade Deficit: भारत का व्यापार घाटा बढ़ा, पश्चिम एशिया को निर्यात में उछाल; जानिए क्या कह रहे आंकड़े


भारत के व्यापार मोर्चे पर जुलाई 2026 के आंकड़े चिंता और राहत दोनों लाए हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस महीने व्यापार घाटा काफी बढ़ गया है। हालांकि वेस्ट एशिया को होने वाले निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है।

जुलाई 2026 में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 31.98 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। यह जुलाई 2025 के 27.88 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिक है। आयात में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जुलाई 2026 में कुल आयात 17.52 फीसदी बढ़कर 66.22 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। यह आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था के लिए मिश्रित संकेत दे रहे हैं। 

एक ओर आयात बढ़ने से घरेलू मांग में तेजी का संकेत मिलता है। दूसरी ओर, व्यापार घाटे का बढ़ना चिंता का विषय है। सरकार इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। नीति निर्माताओं के लिए यह एक चुनौती भरा समय है। उन्हें निर्यात बढ़ाने और आयात को संतुलित करने के उपाय खोजने होंगे।

क्या वेस्ट एशिया को निर्यात में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है?

वाणिज्य सचिव के अनुसार, वेस्ट एशिया को भारत का निर्यात बढ़ा है। जुलाई 2026 में यह 8.62 फीसदी बढ़कर 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। पिछले साल जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर था। यह वृद्धि वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। यह आंकड़ा देश के निर्यातकों के लिए उत्साहजनक है।

आयात में भारी वृद्धि का क्या अर्थ है?

जुलाई 2026 में भारत का कुल आयात 17.52 फीसदी बढ़ा है। यह बढ़कर 66.22 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। आयात में यह वृद्धि कई कारणों से हो सकती है। इसमें कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें शामिल हो सकती हैं। घरेलू उद्योग की बढ़ती मांग भी इसका एक कारण हो सकती है।



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