Homeव्यवसायBanking: 'युवाओं को औपचारिक ऋण व्यवस्था से जोड़ें, अपेक्षाएं पूरी करें', वित्त...

Banking: ‘युवाओं को औपचारिक ऋण व्यवस्था से जोड़ें, अपेक्षाएं पूरी करें’, वित्त मंत्री ने बैंको को दिया निर्देश


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने युवाओं को औपचारिक ऋण व्यवस्था के बारे में जागरूक करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। वित्त मंत्री ने जोर दिया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को युवाओं की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप तालमेल बिठाना चाहिए। यह बात उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक समागम में कही।

सीतारमण ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त ताकत के साथ काम कर रहे हैं। अब उनका मुख्य कार्य इस ताकत का अधिक महत्वाकांक्षा के साथ उपयोग करना है। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे देश के युवाओं को वित्तीय मुख्यधारा में लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे वे अपने भविष्य के लिए सही वित्तीय निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने बैंकों से अपनी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने का आग्रह किया। यह सुनिश्चित करेगा कि युवा आसानी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकें और उनका विश्वास बढ़े।

युवाओं के लिए क्या है वित्त मंत्री का संदेश?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि युवाओं को औपचारिक ऋण व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा बैंकों से ऐसी सेवाएं चाहते हैं जो सरल हों। उनकी अपेक्षा है कि बैंकिंग प्रक्रियाएं सहज और समझने में आसान हों। युवा व्यक्तिगत बैंकिंग अनुभव की तलाश में रहते हैं, जो उनकी विशिष्ट जरूरतों को पूरा करे। वे यह भी चाहते हैं कि बैंक चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें, ताकि वे कभी भी सेवाओं का उपयोग कर सकें। सीतारमण ने कहा कि बैंकों को इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी सेवाओं में लगातार सुधार करना होगा।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को क्या करना चाहिए?

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अपनी मौजूदा पर्याप्त ताकत का उपयोग अधिक महत्वाकांक्षा के साथ करना चाहिए। वित्त मंत्री ने उन्हें अपनी पहुंच और संसाधनों का विस्तार करने को कहा। उन्होंने बैंकों से युवाओं की बदलती जरूरतों और प्राथमिकताओं को समझने का आग्रह किया। बैंकों को नई तकनीकों और डिजिटल समाधानों को तेजी से अपनाना चाहिए। इससे वे युवाओं को अधिक कुशल और बेहतर सेवाएं दे पाएंगे। सीतारमण ने कहा कि यह समय है जब बैंक अपनी भूमिका को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को जीवन के सभी चरणों के लिए उत्पाद तैयार करने चाहिए और उन्हें ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने के लिए लचीलापन अपनाना चाहिए।

वित्त मंत्री ने बैंकों से कौन सा अभियान शुरू करने को कहा है?

वित्त मंत्री सीतारमण ने सभी बैंकों से एक महीने भर का विशेष अभियान शुरू करने को कहा है। इस अभियान का नाम ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ होगा। यह अभियान आगामी 2 अक्तूबर से शुरू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है। अभियान के तहत युवाओं को औपचारिक ऋण व्यवस्था के विभिन्न फायदे बताए जाएंगे। सीतारमण ने उम्मीद जताई कि यह पहल युवाओं को वित्तीय रूप से अधिक सशक्त बनाएगी और उन्हें सही दिशा देगी।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments