प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक दौरे पर हैं. पीएम 26वें SCO शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर किर्गिस्तान के दौरे पर हैं. बता दें कि मध्य एशिया का यह शहर अपनी शांत आबोहवा, चौड़ी सड़कों, हरियाली और दूर तक नजर आने वाले बर्फीले पहाड़ों के लिए जाना जाता है. बिश्केक को सिर्फ एक राजनीतिक बैठक के शहर के तौर पर देखने के बजाय अगर पर्यटन के नजरिए से देखें, तो यहां प्रकृति, इतिहास और स्थानीय संस्कृति का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है. शहर के आसपास के पहाड़ी इलाके इसे खास तौर पर उन यात्रियों के लिए आकर्षक बनाते हैं, जिन्हें भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से अलग कुछ एक्सप्लोर करना पसंद है.
बिश्केक किर्गिस्तान के उत्तर में स्थित है और इसके दक्षिणी हिस्से से Tien Shan mountain range का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. साफ मौसम में दूर से बर्फ से ढकी चोटियां शहर के बैकग्राउंड को बेहद खूबसूरत बना देती हैं. यही वजह है कि बिश्केक को पहाड़ों और एडवेंचर ट्रैवल के लिए एक अच्छे बेस के तौर पर देखा जाता है.
Ala-Archa National Park है सबसे खास
बिश्केक की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए Ala-Archa National Park प्रमुख आकर्षणों में शामिल है. यह शहर के पास पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां ऊंचे पहाड़, हरे-भरे जंगल, घाटियां और बहती नदियां देखने को मिलती हैं. यहां ट्रेकिंग और हाइकिंग जैसे आउटडोर एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है. सर्दियों में बर्फ से ढका यह इलाका बिल्कुल अलग रूप ले लेता है.
Issyk-Kul की खूबसूरती भी खींचती है
अगर बिश्केक से आगे घूमने का प्लान हो, तो Issyk-Kul Lake एक शानदार विकल्प है. यह किर्गिस्तान की सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक जगहों में से एक है. विशाल झील के चारों तरफ पहाड़ों का नजारा इसे बेहद खास बनाता है. गर्मियों में यहां घूमने और पानी से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी पर्यटक पहुंचते हैं.
शहर में दिखता है Soviet दौर का असर
बिश्केक की सड़कों और इमारतों में सोवियत दौर की वास्तुकला की झलक आज भी दिखाई देती है. चौड़े रास्ते, बड़े सार्वजनिक स्थान और कई पुरानी इमारतें शहर के इतिहास की कहानी कहती हैं. वहीं दूसरी तरफ स्थानीय बाजार और पारंपरिक खान-पान किर्गिज संस्कृति से रूबरू कराते हैं.
Osh Bazaar में खरीदारी का अलग अनुभव
स्थानीय जिंदगी को करीब से देखने के लिए Osh Bazaar जाया जा सकता है. यहां फल, सब्जियां, सूखे मेवे, मसाले, कपड़े और पारंपरिक सामान मिलते हैं. बाजार की हलचल आपको बिश्केक के रोजमर्रा के जीवन की झलक देती है.
खानाबदोश संस्कृति की भी झलक
किर्गिस्तान की पहचान उसकी पुरानी nomadic culture से भी जुड़ी है. घुड़सवारी, पारंपरिक Ger यानी यर्ट जैसे अस्थायी घर और पहाड़ी इलाकों में रहने की परंपरा आज भी देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं. शहर से बाहर निकलने पर इस संस्कृति को करीब से महसूस किया जा सकता है.



