बक्सर जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के कथित अश्लील वीडियो बनाकर दो शिक्षकों द्वारा यौन शोषण करने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामला दबाने के आरोप में हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया, जिसका एक दिन पहले ही राजकीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ था।
बिहार के बक्सर जिले के डुमरावं प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के नथुनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय के हेडमास्टर मोहम्मद इमाम अली अंसारी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। गौर करने वाली बात यह है कि एक दिन पहले ही बिहार सरकार ने हेडमास्टर इमाम अली का राजकीय पुरस्कार 2026 के लिए चयन किया था। आगामी शिक्षक दिवस पर राज्य के जिन 38 शिक्षकों को सम्मान मिलने वाला था, उस सूची में उनका भी नाम था। इस कांड में अरेस्ट होने के बाद अब आरोपी हेडमास्टर को राजकीय सम्मान से वंचित करने की अनुशंसा शिक्षा विभाग को भेज दी गई है।
पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज
वहीं, इस मामले में पुलिस ने गुरुवार देर शाम पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाने वाले दोनों शिक्षकों को इसमें नामजद किया गया है। वे दोनों अभी फरार हैं। उन्हें बुधवार को ही निलंबित कर दिया गया था। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस केस की फास्ट ट्रैक सुनवाई की बात कही है।
पुलिस मुख्यालय ने भेजी टीम
छात्राओं के साथ यौन शोषण से जुड़े मामले को बिहार पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है। एडीजी (कमजोर वर्ग सह विधि व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि मुख्यालय से सीआईडी (कमजोर वर्ग) की एक टीम डुमरांव भेजी गई है। जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। डीएसपी सतीश कुमार और डीएसपी रेखा सिन्हा के अलावा महिला पुलिस इंस्पेक्टर किरण बाला की टीम ने छात्रा और उसके परिजनों से मुलाकात की। उनका बयान लिया गया। छात्राओं की मेडिकल जांच और बीएनएसएस की धारा 183 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
हेडमास्टर पर शिक्षकों की करतूत छिपाने का आरोप
इससे पहले बक्सर के एसपी शुभम आर्य खुद छात्रा के गांव पहुंच पूरे प्रकरण की जानकारी ली। परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस आश्वासन के बाद पीड़िता की मां ने एफआईआर दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि पीड़िता की मां के आवेदन पर कृष्णाब्रह्म थाने में आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद प्रसाद के अलावा विद्यालय के हेडमास्टर मोहम्मद इमाम अली अंसारी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हेडमास्टर पर छात्रा की मां ने शिक्षकों की करतूत की जानकारी होने के बावजूद छिपाने का आरोप लगाया है। दोनों आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी में जुट गई है।
शिक्षक के फोन में छात्राओं के वीडियो
एफआईआर के अनुसार स्कूल के दोनों शिक्षकों पर अलग-अलग समय में तीन नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप हैं। छात्रा की मां का कहना है कि इस दौरान आपत्तिजनक वीडियो और अन्य सामग्री मोबाइल फोन में रिकॉर्ड की गई। वहीं मामला सार्वजनिक होने के बाद ग्रामीण युवाओं ने एक आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद से उसका मोबाइल छीन लिया था। यह भी दावा किया जा रहा है कि उस मोबाइल में कई छात्राओं से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो और अन्य सामग्री मौजूद है। हालांकि, पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस मोबाइल को बरामद करने में जुटी है। पुलिस ने बताया कि मोबाइल की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है और उसे जल्द बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, मोबाइल मिलने के बाद डिजिटल साक्ष्य के रूप में मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इसके लिए मोबाइल में मौजूद सामग्री की विधिवत जांच और डिजिटल साक्ष्यों का सत्यापन किया जाएगा।
शिक्षक बर्खास्त होंगे, स्पीडी ट्रायल होगा: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को कहा कि बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने बक्सर के एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दोनों आरोपी शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए स्पीडी ट्रायल कर पूरे मामले की सुनवाई की जाए। ताकि पीड़ित छात्राओं को जल्द न्याय मिल सके और आरोपियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले। साथ ही उन्होंने बक्सर के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि दोनों निलंबित शिक्षकों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव अविलंब शिक्षा विभाग को भेजें।
स्कूल में हुई थी शिक्षकों की धुनाई
बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड स्थित नथूनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय में तैनात एक टीचर का छात्रा के साथ कथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद 29 अगस्त को गांव के लोग आक्रोशित होकर स्कूल पहुंचे थे। लोगों ने आरोपी टीचर को पकड़ लिया। फिर वहां बीच-बचाव कर रहे एक दूसरे शिक्षक को भी लोगों ने पकड़कर उसका मोबाइल फोन चेक किया।
ब्लैकमेल कर छात्राओं का यौन शोषण
स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों शिक्षकों के मोबाइल में छात्राओं के साथ अश्लील वीडियो पाए गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों की जमकर पिटाई कर दी। स्कूल में हंगामा होने के बाद हेडमास्टर इमाम अली ने बीईओ को इसकी जानकारी दी। पूरे मामले की जांच की गई। उसमें यह सामने आया कि शिक्षक अरविंद कुमार और ब्रजेश कुमार स्कूल परिसर के बाहर अश्लील वीडियो बनाते थे। वे छात्राओं को ब्लैकमेल करते थे। फिर उनके साथ गलत हरकत करते थे।
बीईओ की रिपोर्ट पर डीपीओ रजनीश झा ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अब गुरुवार को आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में एफआईआर हुई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी में जुटी है।



