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क्या मशीन बनी ‘इंसान’?: एनवीडिया चीफ का दावा- GPT-6 एस्ट्रा के आते ही दुनिया में आ गया एजीआई, जानें क्या मलतब


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में एक बड़ा ऐतिहासिक पल आ गया है। एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया है कि दुनिया में ‘एजीआई’ (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) का आगमन हो चुका है। हुआंग का यह बड़ा दावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेवलपर ओपनएआई द्वारा अपने सबसे नए एआई मॉडल ‘जीपीटी-6 एस्ट्रा’ के लॉन्च के तुरंत बाद आया है। हुआंग ने ओपनएआई की टीम को बधाई देते हुए इसे तकनीकी इतिहास का मील का पत्थर बताया है।

क्या है यह एजीआई और क्यों जेन्सन हुआंग ने किया इतना बड़ा दावा?

एजीआई वास्तव में एआई का वह उन्नत रूप है जो इंसानी दिमाग की तरह किसी भी बौद्धिक काम को समझने, सीखने और नए माहौल के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम है। आज के एआई टूल्स जहां केवल कुछ खास काम ही कर पाते हैं, वहीं एजीआई बिना किसी विशेष ट्रेनिंग के नए क्षेत्रों में इंसानों की तरह सोच और समझ सकता है। जेन्सन हुआंग ने बताया कि जीपीटी-6 एस्ट्रा को एनवीडिया के लगभग 1 लाख से अधिक ‘ग्रेस ब्लैकवेल एनवीलिंक72’ जीपीयू पर ट्रेन किया गया है। उन्होंने खुलासा किया कि जल्द ही 4 लाख और जीपीयू ऑनलाइन आने वाले हैं, जो इस क्रांति को और रफ्तार देंगे।

कितना समझदार है नया GPT-6 एस्ट्रा और क्या हैं इसके बेंचमार्क?

ओपनएआई के अनुसार, जीपीटी-6 एस्ट्रा कंपनी का अब तक का सबसे बुद्धिमान और सुरक्षित मॉडल है। तकनीकी परीक्षाओं (बेंचमार्क) में इस मॉडल ने हैरान करने वाले नतीजे दिए हैं। इसने जटिल गणित की परीक्षा ‘फ्रंटियरमैथ टियर 4’ में 98 प्रतिशत और ‘एआरसी-एजीआई-3’ टेस्ट में 99.9 प्रतिशत का असाधारण स्कोर हासिल किया है। इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी से जुड़े ‘एक्सप्लॉइटबेंच’ टेस्ट में इसे शत-प्रतिशत (100%) सफलता मिली है। इस मॉडल ने व्यावसायिक लॉन्च से पहले ही गणित के कई अनसुलझे सवालों को हल करने में मदद की है।

रोजमर्रा के काम और बिजनेस में यह क्या बदलाव लाएगा?

यह मॉडल कंप्यूटर ब्राउजिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कोडिंग और व्यावसायिक कामों को खुद संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। यह इंसानी मदद के बिना स्वायत्त रूप से डेटा एंट्री, वेबसाइट क्वालिटी टेस्टिंग और सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन जैसे काम कर सकता है। ‘ओएसवर्ल्ड 2.0’ परीक्षण में यह सामने आया है कि यह पिछले मॉडल जीपीटी-5.6 सोल की तुलना में 47 प्रतिशत कम समय में काम पूरा कर लेता है। यह प्रति टास्क करीब 40 मिनट में 72.6 प्रतिशत की सफलता दर के साथ स्वायत्त प्रशासनिक कार्य पूरा कर सकता है।

सुरक्षा और गोपनीयता के मामले में यह कितना सुरक्षित है?

सुरक्षा के मोर्चे पर भी यह काफी उन्नत है। पुराना मॉडल जीपीटी-5.6 सोल बिना उत्पादन सुरक्षा कवच के 48% मामलों में तय सीमा के बाहर चला जाता था, लेकिन जीपीटी-6 एस्ट्रा कड़े मानकों के कारण 0% मामलों में ही ऐसा करता है। डेटा सुरक्षा के लिए पात्र ग्राहकों को ‘जीरो डेटा रिटेंशन’ की सुविधा मिलेगी और प्राइवेसी के लिए ‘प्राइवेट सेफ्टी प्रोसेसिंग’ का परीक्षण किया जा रहा है।

आम ग्राहकों और डेवलपर्स को यह कब और किस कीमत पर मिलेगा?

ओपनएआई ने इस मॉडल को तुरंत लागू कर दिया है। यह चैटजीपीटी प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। साथ ही इसका इंटीग्रेशन माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर और एडब्ल्यूएस बेडरॉक पर भी किया गया है। डेवलपर्स के लिए स्टैंडर्ड एपीआई की कीमत 10 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 50 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन तय की गई है। तेजी से काम करने के लिए इसका एक हाई-स्पीड विकल्प भी उपलब्ध है, जिसकी गति दोगुनी है लेकिन उसकी कीमत भी सामान्य से दोगुनी होगी।



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