इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी के अनुसार, सोने की कीमतों में लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद कारोबारियों ने निचले स्तर पर सौदेबाजी खरीदारी की। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी कीमती धातुओं के प्रति बाजार की धारणा को मजबूत किया। अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में नरमी को भी सोने और चांदी के लिए सकारात्मक कारक माना गया। आम तौर पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी से गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों, जैसे सोना, के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। बुधवार की यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली जब वैश्विक बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले पर नजर बनाए हुए था। फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले और आगे की मौद्रिक नीति के संकेतों का असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों ने पिछले कारोबारी रुझान को पलटते हुए मजबूत बढ़त दर्ज की। जहां सोना 1,200 रुपये महंगा होकर 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा, वहीं चांदी 7,400 रुपये की छलांग लगाकर 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार की नजर अब आगे कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख पर बनी रहेगी, क्योंकि ये कारक आने वाले सत्रों में कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।



