Homeटेक्नोलॉजीIIT बॉम्बे छात्रों की 18 मांगों पर डायरेक्टर की सहमति: डॉक्यूमेंट...

IIT बॉम्बे छात्रों की 18 मांगों पर डायरेक्टर की सहमति: डॉक्यूमेंट साइन किए, इसमें साहिल सुसाइड केस में आरोपी प्रोफेसर पर कार्रवाई की शर्त


  • Hindi News
  • National
  • IIT Bombay Professor Suspended In Sahil Suicide Case | Crime Branch Probe

मुंबई22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद से IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है।

IIT बॉम्बे में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के तीसरे दिन रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच करीब 3 घंटे बैठक हुई। इसके बाद डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों की 18 मांगों वाले डॉक्यूमेंट पर साइन किए।

छात्रों ने साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, संस्थान की जवाबदेही और स्टूडेंट वेलफेयर से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव की मांग रखी थी। इनमें जांच समिति बनाने, छात्रों को जांच प्रक्रिया में शामिल करने और जांच से जुड़ी रिपोर्ट तय समयसीमा में सार्वजनिक करने की बातें शामिल हैं।

18 मांगों में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला पर कार्रवाई की मांग भी शामिल है। दूल्ला वही प्रोफेसर हैं, जिन्होंने सुसाइड वाले दिन एग्जाम हॉल में साहिल को फोन के साथ पकड़ा था। साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर पर FIR दर्ज कराई है।

22 साल का साहिल 18 सितंबर की रात अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिला था।

22 साल का साहिल 18 सितंबर की रात अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिला था।

ओपन हाउस और सार्वजनिक माफी की मांग

छात्रों ने IIT बॉम्बे से सार्वजनिक माफी की भी मांग की है। उनका आरोप है कि संस्थान की एक पुरानी लिंक्डइन पोस्ट में साहिल के बारे में अधूरी और स्पष्ट जानकारी देकर उसकी छवि खराब की गई।

इसके अलावा डायरेक्टर, डीन SA, डीन AP और साहिल के डिपार्टमेंट हेड के साथ ओपन हाउस आयोजित करने की मांग की गई है। छात्रों ने इसमें घटना से जुड़े सवाल सीधे रखने का मौका देने की बात कही है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो इस्तीफे की शर्त

डॉक्यूमेंट में मांगों के लागू होने की स्थिति पर हर हफ्ते अपडेट देने की बात कही गई है। छात्रों ने कहा है कि तय मांगें एक महीने के भीतर पूरे नहीं होने पर डायरेक्टर, डीन AP और डीन SA को इस्तीफा देना चाहिए।

इसके अलावा इस साल IIT बॉम्बे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग भी रखी गई है। छात्रों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उचित और जल्द आर्थिक सहायता देने की बात कही है।

237c65d3 9c60 4a85 b748 79d01b96e389 1789971411720

IIT बॉम्बे के फैकल्टी आरोपी प्रोफेसर के समर्थन में आए

वहीं, IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने दूल्ला के समर्थन में बयान जारी किया। ANI के मुताबिक, फोरम ने कहा कि प्रोफेसर संस्थान की सीनेट की पॉलिसी के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

फोरम के अनुसार, 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान दूल्ला ने एक छात्र को बिना अनुमति स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हुए देखा था। फोरम ने इसे एकेडमिक नियमों का उल्लंघन बताया और कहा कि प्रोफेसर ने तय प्रक्रिया के तहत इसकी जानकारी संस्थान को दी थी।

दावा- मौत से पहले एग्जाम में फोन के साथ पकड़ा गया था साहिल

22 साल का साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग का सेकेंड ईयर बीटेक छात्र था। IIT बॉम्बे के अनुसार, 18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर जवाब लेने की कोशिश की थी।

संस्थान ने कहा था कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उससे बात कर काउंसलिंग की थी और उसे भरोसा दिलाया था कि घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह हॉस्टल लौट गया, जहां बाद में उसका शव फंदे से लटका मिला।

परिवार का दावा- साहिल के साथ जातिगत भेदभाव हुआ

वहीं साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर दूल्ला समेत अन्य लोगों पर संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने प्रोफेसर दूल्ला पर पिछले करीब 3 महीने से उनके बेटे को जातिसूचक गालियां देने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर श्रीशिश बी. केदारे, कुछ फैकल्टी मेंबर्स और सीनियर अधिकारियों के नाम भी दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर के निर्देश पर साहिल का उत्पीड़न किया गया।

पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। PTI के मुताबिक, क्राइम ब्रांच आरोपी प्रोफेसर और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

ce5c40b9 0f5a 4aec be8a d3d77e5a10d3 1789759296500

20 साल में 160 IIT छात्रों ने आत्महत्या की

साहिल की मौत से IIT में छात्रों की आत्महत्याओं पर बहस फिर तेज हो गई है। ग्लोबल आईआईटी एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में 160 IIT छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें 43% मामले पिछले 5 साल में सामने आए।

2025 में सबसे ज्यादा 16 मामले दर्ज हुए, जबकि 2026 में सितंबर तक 9 आत्महत्याएं सामने आईं। सर्वे में IIT के हर 10 में 6 से ज्यादा छात्रों ने अकादमिक तनाव को सुसाइड का सबसे बड़ा दबाव माना। इसका हिस्सा 61% है, अन्य 4 कारण मिलाकर 39% ही हैं। एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक बड़ी संख्या में मामले परीक्षाओं के आसपास सामने आते हैं।

0a4ccf31 5c58 42b4 b034 c14270250888 1789883930300
4ae6d8d8 8a46 4397 a419 331c2a7013e3 1789883483023

सरकार की सिफारिश- 1 हजार छात्रों पर 1 काउंसलर

शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर 1 काउंसलर का लक्ष्य रखा था, लेकिन IIT खड़गपुर में प्रति काउंसलर करीब 1,500, दिल्ली में 1,214 और कानपुर में 1,058 छात्र थे।

c64e1d88 7a65 49a2 8603 f15b72816833 1789883691196
75d5809b f79b 4a8f 8857 d4c66ec27158 1789883544855

छात्रों के प्रदर्शन के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गईं

साहिल की मौत के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं।

2486f9d6 deb6 4fd1 830f 2d1198edcb1e 1789758760985

—————————

ये खबर भी पढ़ें…

IIT दिल्ली स्टूडेंट के सुसाइड पर बवाल:कमरा न मिलने से परेशान था, प्रोजेक्ट भी रूके, छात्रों ने किया कक्षा का बहिष्कार, गेट के बाहर प्रदर्शन

educare25 august 1787653955 1789759487853

बेगूसराय के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के कैंपस में सुसाइड कर लिया। उसने IIT दिल्ली के लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments