TMC विधायक कुणाल घोष ने रविवार को दावा किया कि कोलकाता में दिनदहाड़े उनकी कार पर फिर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि बाइक सवार हथियारबंद लोगों ने कार को घेरा, शीशा तोड़ा और उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की। घोष के मुताबिक, हमलावरों के पास रिवॉल्वर थे। विधायक की सुरक्षा में तैनात जवानों को भी हथियार निकालने पड़े। घटना के बाद कुणाल घोष सीधे नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उनकी क्षतिग्रस्त कार भी थाने के बाहर खड़ी दिखी। घोष ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है। पिछले 4 महीने के दौरान घोष पर हमले का यह चौथा मामला है। एक दिन पहले हुगली के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में जाते समय भीड़ ने उनकी कार पर अंडे और पत्थर फेंके थे। पीछे का शीशा भी तोड़ दिया था। दो दिनों में दो हमले: अंडे फेंके, कार के शीशे तोड़े 1. 27 सितंबर 2. 26 सितंबर कुणाल घोष पर हमले के दो पुराने मामले 1. 15 जून: ममता के घर के बाहर अंडा फेंका कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर कुणाल घोष पर अंडा फेंका गया था। घटना उस समय हुई, जब घोष ममता से मुलाकात के बाद बाहर निकलकर मीडिया से बात कर रहे थे। घोष ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। दोनों को बाद में जमानत मिल गई थी। 2. 12 अगस्त: घर और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ कोलकाता के गरपार इलाके में घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय घोष घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया। घोष के मुताबिक, हमलावरों ने घर के पास पहुंचने की कोशिश की और बाद में पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ की। कुछ लोगों ने ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर और बैनर फाड़ दिए थे। बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता पर 3 बार हमला 5 महीने में 25 से ज्यादा TMC नेताओं पर हमले पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। 15 साल बाद TMC सत्ता से बाहर हो गई। वहीं पहली बार भाजपा की सरकार बनी। चुनाव के बाद पिछले 5 महीनों में 25 से ज्यादा TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने या हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। सुरक्षा घेरे के बावजूद नेताओं तक कैसे पहुंच रहे हमलावर नेताओं की सुरक्षा उनके पद से नहीं, खतरे के हिसाब से तय होती है। खतरे के मुताबिक X, Y, Y+, Z और Z+ सुरक्षा दी जाती है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस की होती है। ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा मिली है। कुणाल घोष जैसे TMC नेताओं ने सवाल उठाया है कि ममता बनर्जी के Z+ सुरक्षा वाले आवास के पास अंडा कैसे फेंका गया? उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। लेकिन दूसरे TMC नेताओं की सुरक्षा में हाल के महीनों में बदलाव हुआ है। मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z कर दी गई और उनके घर-दफ्तर के बाहर अतिरिक्त पुलिस भी हटा दी गई। कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा भी घटाकर MLA स्तर की कर दी गई। वहीं, महुआ मोइत्रा की सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके क्षेत्र के दौरे के दौरान दो अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया था। ———————————– यह खबर भी पढ़ें… ममता की नई पार्टी का लोगो ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ लॉन्च:इसी पर उपचुनाव लड़ेगी; इससे पहले 2 पार्टियों को मिल चुका यही सिंबल ममता बनर्जी गुट ने नई पार्टी ‘ममता टीएमसी’ का अस्थायी नया लोगो ‘फुटबॉल खेलता खिलाड़ी’ लॉन्च किया। इसके पहले यह चुनाव चिन्ह राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) और तेलंगाना की युगा तुलसी पार्टी को भी मिल चुका था। पूरी खबर पढ़ें…
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TMC विधायक कुणाल घोष पर लगातार दूसरे दिन हमला: बोले- रिवॉल्वर दिखाकर मुझे कार से खींचने की कोशिश की, शीशे तोड़े; 4 महीने में चौथा अटैक
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