Homeव्यवसायछोटी बचत योजनाओं पर कितना ब्याज?: पीपीएफ, सुकन्या और एनएससी पर मिलता...

छोटी बचत योजनाओं पर कितना ब्याज?: पीपीएफ, सुकन्या और एनएससी पर मिलता रहेगा पुराना रिटर्न, मंत्रालय का फैसला


देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय निवेशकों और लघु बचतकर्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरा निर्णय लिया है। वित्त मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (1 अक्तूबर 2026 से 30 दिसंबर 2026) के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) सहित सभी प्रमुख छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इन्हें यथावत रखने का ऐलान किया है। केंद्र सरकार का यह फैसला लगातार 10वीं तिमाही है जब इन लोकप्रिय डाकघर और बैंक बचत योजनाओं की दरों को स्थिर रखा गया है। त्योहारी सीजन की शुरुआत में ब्याज दरों में कोई कटौती न होने से सुरक्षित और गारंटीकृत रिटर्न की तलाश कर रहे छोटे निवेशकों को अपनी वित्तीय योजनाओं को बिना किसी अनिश्चितता के जारी रखने में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना में क्या घोषणा की गई है?

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरें वही रहेंगी जो दूसरी तिमाही (1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026) के लिए अधिसूचित की गई थीं। यह अधिसूचना बुधवार, 30 सितंबर को जारी की गई, जिसके तहत नए दर प्रावधान 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे।

उल्लेखनीय है कि मुख्य रूप से डाकघरों और वाणिज्यिक बैंकों द्वारा संचालित इन छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में पिछली बार बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया गया था। उसके बाद से यह लगातार 10वीं तिमाही है जब सरकार ने ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं किया है।

विभिन्न छोटी बचत योजनाओं पर अब कितना रिटर्न मिलेगा?

सरकार द्वारा जारी नई दर सूची के अनुसार, विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर तीसरी तिमाही के दौरान मिलने वाला ब्याज इस प्रकार रहेगा:


  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए संचालित इस योजना पर निवेशकों को 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा।

  • राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC): एनएससी पर अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा।

  • किसान विकास पत्र (KVP): इस योजना में निवेश करने वालों को 7.5 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज मिलेगा और इसमें जमा राशि 115 महीनों में परिपक्व होगी।

  • मासिक आय योजना (MIS): डाकघर की मंथली इनकम स्कीम में निवेश करने वाले निवेशकों को 7.4 प्रतिशत की दर से मासिक रिटर्न मिलता रहेगा।

  • सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF): दीर्घकालिक बचत के लिए पसंदीदा पीपीएफ योजना पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।

  • तीन वर्षीय सावधि जमा (3-Year Term Deposit): तीन साल की अवधि वाली टर्म डिपॉजिट योजना पर निवेशकों को 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा।

  • डाकघर बचत जमा (Post Office Savings Deposit): साधारण डाकघर बचत खाते में जमा राशि पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलना जारी रहेगा।

बचतकर्ताओं और वित्तीय बाजार के लिए इस फैसले के क्या मायने हैं?

वर्तमान में जब वित्तीय बाजार और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) दरों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, सरकार द्वारा छोटी बचत योजनाओं पर आकर्षक और स्थिर रिटर्न बनाए रखना निवेशकों के विश्वास को मजबूत करता है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिला निवेशकों और वेतनभोगी वर्ग के लिए सुकन्या समृद्धि (8.2%) और पीपीएफ (7.1%) जैसी योजनाएं सुरक्षित रिटर्न का एक मजबूत विकल्प बनी हुई हैं। लगातार 10 तिमाहियों से दरों को स्थिर रखना यह दर्शाता है कि सरकार घरेलू बचत को प्रोत्साहित करने और छोटे निवेशकों की क्रय शक्ति को सुरक्षा प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध है।

आगे क्या रुख रह सकता है?

अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए जारी इस फैसले के बाद अब निवेशकों की नजरें वित्त वर्ष 2026-27 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च 2027) के लिए सरकार के समीक्षा रुख पर टिकी होंगी। हालांकि, मौजूदा दरों में स्थिरता रहने से त्योहारों के इस मौसम में डाकघर और बैंक बचत योजनाओं में नए पूंजी प्रवाह को गति मिलने की पूरी संभावना है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments