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- Karnataka CM Shivakumar Protest | Bengaluru SIR Irregularity Election Commission Office
बेंगलुरु3 मिनट पहले
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शिवकुमार के साथ कई मंत्री भी प्रदर्शन में शमिल हुए।
कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार SIR में गड़बड़ियों को लेकर राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 के दुरुपयोग में शामिल लोगों के खिलाफ जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे।
यह प्रदर्शन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार के कार्यालय के बाहर हो रहा है। उनका कहना है कि SIR में गड़बड़ियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि 45 लाख से ज्यादा वोटरों के नामों में गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें भाजपा के लोग शामिल हैं।
राज्य सरकारें या उनकी पुलिस चुनाव आयुक्तों पर उनके सरकारी काम को लेकर सीधे केस दर्ज नहीं कर सकती हैं। अब तक SIR के तहत कर्नाटक में 1 करोड़ से ज्यादा वोट कटे हैं।

कर्नाटक में SIR अगस्त में खत्म हुई
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जून से 8 अगस्त 2026 तक चली। इससे पहले राज्य में कुल 5.54 करोड़ मतदाता थे। SIR के दौरान 1 करोड़ (करीब 1.08 करोड़) नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 4.46 करोड़ रह गई। इ
सके अलावा विसंगतियों के चलते करीब 43 लाख मतदाताओं को नोटिस भी जारी किए गए। दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद आखिरी लिस्ट साल के अंत में जारी होगी।
दावा- पहले से भरे हुए फॉर्म-7 जमा किए गए
शिवकुमार ने बताया कि विजयपुरा, भालकी, बेलगावी, मैसूरु, मुदिगेरे और बेंगलुरु समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को पहले से भरे हुए फॉर्म-7 दिए गए।
इन फॉर्म में वोटरों के नाम, पते और EPIC नंबर पहले से दर्ज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 70% से ज्यादा बूथों में BJP और पार्टी से जुड़े नेताओं ने फॉर्म-7 लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कुछ लोगों ने दर्जनों और कुछ ने सैकड़ों आवेदन जमा किए। उन्होंने 84, 92, 241 और 423 फॉर्म जमा करने वाले लोगों के उदाहरण दिए।
उन्होंने कहा कि इन आवेदनों का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों, दलितों, अनुसूचित जातियों और आदिवासी वोटरों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

भालकी में एक दिन में 3,244 आवेदन
कर्नाटक सरकार में मंत्री ईश्वर खंड्रे के मुताबिक, भालकी में 36 लोगों ने एक ही दिन में फॉर्म-7 के 3,244 आवेदन जमा किए। उन्होंने इन लोगों को BJP कार्यकर्ता बताया।
खंड्रे ने ऐसे व्यक्ति का उदाहरण दिया, जिसने 241 आवेदन जमा किए थे। उन्होंने कहा कि जिन वोटरों के नाम इन आवेदनों में शामिल थे, वे बाद में पुलिस के पास पहुंचे।
इन वोटरों ने आरोप लगाया कि उनके नाम हटाने की कोशिश में गलत जानकारी और जालसाजी का इस्तेमाल किया गया।
SIR प्रक्रिया के बारे में जानें…

10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR
SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।

तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।
पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।


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