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Neem Karoli Baba Birth Place: बाबा नीम करौरी महाराज की जन्मभूमि फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में है. देश-विदेश से भक्त यहां दर्शन करने पहुंचते हैं. अगर आप भी बाबा की जन्मस्थली जाना चाहते हैं, तो टूंडला या फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से आगे का सफर बस और ऑटो से आसानी से पूरा कर सकते हैं. उसाइनी गांव से अकबरपुर की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. यहां बाबा का पुराना घर, ध्यान कक्ष और मंदिर मौजूद है, जहां पहुंचकर भक्त दर्शन और प्रार्थना करते हैं.
अगर आप भी बाबा नीम करौरी की जन्मभूमि घूमने जाना चाहते हैं तो आप आसानी से लंबा सफर तय करके इस तीर्थस्थल तक पहुंच सकते हैं. बाबा की जन्मस्थली फिरोजाबाद के गांव अकबरपुर में है, जहां देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां तक पहुंचने का रास्ता भी काफी आसान है. इसके लिए आप इन तरीकों से बाबा की जन्मभूमि तक पहुंच सकते हैं.
बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली तक पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको टूंडला जंक्शन आना होगा. यहां से आप ऑटो के जरिए फिरोजाबाद शहर की ओर जा सकते हैं. शहर से पहले उसायनी गांव आता है. यहां से आप बाबा नीम करौरी की जन्मभूमि गांव अकबरपुर तक आसानी से पहुंच सकते हैं.
फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव तक जाने के लिए आप बस से भी यात्रा कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस से फिरोजाबाद आना होगा. यहां से उसायनी गांव तक पहुंचना होगा. उसायनी में उतरने के बाद आप ऑटो से बाबा नीम करौरी की जन्मस्थली गांव अकबरपुर जा सकते हैं. यहां पहुंचकर बाबा के मंदिर में दर्शन कर सकते हैं.
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फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन बाबा नीम करौरी की जन्मभूमि के लिए काफी नजदीक है. यहां आप दिल्ली से ट्रेन के जरिए आ सकते हैं. इसके बाद बस या ऑटो से उसायनी गांव पहुंच सकते हैं और वहां से बाबा के गांव के लिए जा सकते हैं. फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से जन्मभूमि तक का सफर भी आसानी से पूरा किया जा सकता है.
विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौरी महाराज की जन्मस्थली गांव अकबरपुर तक पहुंचने के लिए उसायनी गांव के बाद पैदल यात्रा भी की जा सकती है. यहां से गांव की दूरी करीब 3 किलोमीटर है. इसके अलावा उसायनी से ऑटो और दूसरे वाहनों के जरिए भी मंदिर तक पहुंचा जा सकता है.
बाबा नीम करौरी की जन्मभूमि पर आपको बाबा से जुड़ी कई पुरानी इमारतें और उनकी यादें देखने को मिलेंगी. यहां आज भी उनकी डाक बंगला बनी हुई है, जहां बाबा और उनकी पत्नी की तस्वीर लगी हुई है. यहां आने वाले भक्त उनके दर्शन करते हैं और प्रार्थना भी करते हैं.
बाबा नीम करौरी महाराज की जन्मस्थली पर पहुंचकर उनके भव्य मंदिर के दर्शन भी किए जा सकते हैं. लंबी यात्रा के बाद यहां ठहरने की व्यवस्था भी की गई है. दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां विश्राम कर सकते हैं. यह मंदिर एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है और यहां आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
महाराज जी की जन्मस्थली पर उनका पुराना घर और ध्यान कक्ष भी मौजूद है. यहां आने वाले भक्त गांव के लोगों और महाराज के परिवार के लोगों से उनके चमत्कारों के किस्से सुनते हैं. यहां आप कई दिन रुककर यात्रा का आनंद ले सकते हैं. बाबा के ध्यान कक्ष में उनकी और उनकी पत्नी की पुरानी तस्वीर मौजूद है. भक्त इनके दर्शन करने के साथ यहां ध्यान भी करते हैं.