गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर में एक 19 साल के युवक की गंभीर चोटों के बाद मौत ने पूरे मामले को रहस्य और साजिश के एंगल में ला दिया है. आरोप है कि रिश्ते में आई खटास के बाद एक नाबालिग लड़की ने अपने पूर्व प्रेमी को सबक सिखाने के लिए 9 गुंडों को पैसे दिए थे. परिवार का दावा है कि लड़की ने उन्हें तेजिंदर के हाथ-पैर तोड़ने के लिए कहा था लेकिन हमला इतना गंभीर हो गया कि उसकी जान चली गई. मामले की जांच के लिए पुलिस ने तीन सदस्यीय SIT बनाई है.
द ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, पुलिस ने अभी यह अंतिम रूप से नहीं कहा है कि यह हत्या की साजिश थी. एसआईटी पूरे घटनाक्रम और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम और एसआईटी की जांच से तस्वीर और साफ होगी.
स्कूल में शुरू हुआ था प्यार
मृतक की पहचान तेजिंदर सिंह के रूप में हुई है. परिवार के मुताबिक, तेजिंदर और लड़की एक ही स्कूल में पढ़ते थे. इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया. परिवार का दावा है कि दोनों करीब तीन साल तक रिलेशनशिप में रहे. शुरुआत में परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था और तेजिंदर को लड़की से दूरी बनाने की सलाह दी गई थी लेकिन बाद में दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ने लगे.
ब्रेकअप के बाद बढ़ता गया विवाद
परिवार के मुताबिक, घटना से करीब तीन महीने पहले तेजिंदर को पता चला कि लड़की कथित तौर पर कुछ दूसरे युवकों के संपर्क में भी थी. इसके बाद उसने रिश्ता खत्म करने का फैसला किया. तेजिंदर के इस फैसले से लड़की नाराज थी. परिवार का आरोप है कि इसके बाद दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ. एक विवाद मुकेरियां में हुआ, जहां दोनों पहले एक रेस्टोरेंट और फिर एक होटल में मिले थे. परिवार का दावा है कि इसी दौरान दोनों के बीच काफी बहस हुई और तेजिंदर का मोबाइल फोन भी टूट गया. इसके बाद दोनों के बीच गुरदासपुर के चक्क शरीफ बाजार में भी विवाद हुआ, जहां वे एक-दूसरे के दिए सामान लौटाने के लिए मिले थे.
हमले से दो दिन पहले आया था मैसेज
तेजिंदर की बहन के मुताबिक, हमले से दो दिन पहले यानी 16 सितंबर को लड़की की ओर से एक मैसेज आया था. बताया गया कि यह मैसेज किसी दोस्त के फोन से भेजा गया था. परिवार के मुताबिक, मैसेज में लड़की ने तेजिंदर से रिश्ता खत्म होने को लेकर अपनी नाराजगी जताई थी. तेजिंदर की बहन ने जवाब दिया कि उसका भाई अब इस रिश्ते से आगे बढ़ चुका है और लड़की को भी उससे दूरी बना लेनी चाहिए. इसके बाद घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ लिया.
18 सितंबर को बुलाया, फिर हमला
परिवार का आरोप है कि 18 सितंबर को लड़की ने तेजिंदर को भूसा गांव में मिलने के लिए बुलाया. तेजिंदर वहां पहुंचा तो कथित तौर पर वहां कई युवक पहले से मौजूद थे. परिवार के मुताबिक, इसके बाद युवकों ने तेजिंदर पर हमला कर दिया. हमले में उसके सिर पर गंभीर चोटें आईं. स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही. बाद में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया.
9 गुंडों को पैसे देने का आरोप
इस मामले में सबसे बड़ा आरोप यह है कि नाबालिग लड़की ने तेजिंदर को सबक सिखाने के लिए 9 गुंडों को पैसे दिए थे. परिवार के मुताबिक, लड़की ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसने गुंडों को तेजिंदर के हाथ-पैर तोड़ने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन उसे जान से मारने या सिर पर हमला करने के लिए नहीं कहा था. यह बयान अभी जांच का हिस्सा है. यानी परिवार के आरोप और पूछताछ में सामने आई बातों के मुताबिक, मकसद कथित तौर पर तेजिंदर को डराना या चोट पहुंचाना था, लेकिन हमला जानलेवा साबित हो गया.
फिर कैसे हुई तेजिंदर की मौत?
तेजिंदर को 18 सितंबर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कई दिनों तक उसका इलाज चला और वह वेंटिलेटर पर रहा. इसके बाद उसकी मौत हो गई. हालांकि, मौत की तारीख को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है-कुछ रिपोर्टें 26 सितंबर बताती हैं, जबकि आपके दिए विवरण में 29 सितंबर का उल्लेख है. इसलिए कॉपी में तारीख को बिना आधिकारिक मेडिकल/पुलिस रिकॉर्ड के फाइनल करना उचित नहीं होगा.
पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया
पुलिस ने मामले में नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया है. पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी. परिवार ने शुरुआती जांच को लेकर असंतोष जताया था और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला किसने किया, इसमें कितने लोग शामिल थे और पूरी घटना के पीछे वास्तव में क्या वजह थी.
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