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3 मिनट पहले
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दिल्ली पुलिस ने आशुतोष और सौरव को मंगलवार को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों CJP समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर पहुंचे और नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ा।
जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकते। केंद्र सरकार ने सोमवार को इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है।
गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए हैं। इस साल रामलीला मैदान सिर्फ 29 से 31 दिसंबर तक ही खाली है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को पार्टी के प्रदर्शन के दौरान CJP नेताओं को फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था।
CJP नेता जंतर-मंतर पहुंचे, पुलिस ने हिरासत में लिया; तस्वीरें…

पुलिस ने जंतर-मंतर के पास बैरिकेडिंग कर रखी है, सभी गेट्स बंद हैं। प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर वहीं पहुंचे।

जंतर-मंतर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तिरंगा लहराते हुए नारेबाजी की।

पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
रविवार को CJP नेताओं ने पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सोमवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने को कहा था। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर जवाब देने की मांग की थी।
सौरव दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हर नागरिक का हक है और पुलिस को इसमें रोक-टोक नहीं करनी चाहिए। वहीं, आशुतोष रांका ने कहा था कि अगर 24 घंटे में जवाब नहीं मिला तो पार्टी आगे के आंदोलन की तारीख का ऐलान करेगी।
इसके थोड़ी देर बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया। गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बनाए गए।
2 दिन पहले ही 50 हजार के मुचलके पर छूटे थे
सौरव दास व आशुतोष रांका को CJP फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया
इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी और ऐसा कोई काम नहीं करना होगा, जिससे शांति भंग हो।
हिरासत से छूटने के बाद CJP नेताओं ने थंब्स अप का इशारा किया था।
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