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Dungarpur Robbery Case: डूंगरपुर जिले की वरदा थाना पुलिस ने ईको गाड़ी में यात्रियों को बैठाकर चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल ईको गाड़ी, चाकू, तीन मोबाइल फोन और 58 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपी रात में बस स्टैंड के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को गाड़ी में बैठाते और सुनसान जगहों पर ले जाकर मारपीट के बाद मोबाइल, पर्स, नकदी और एटीएम कार्ड लूट लेते थे. 2 सितंबर और 3 अक्टूबर को वरदा थाना क्षेत्र में हुई वारदातों के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की थी. तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को पकड़ा गया. पूछताछ में रणसागर, तीजवड़ और खेमारू रोड क्षेत्र में भी लूटपाट की वारदातों का खुलासा हुआ है.
ईको गाड़ी में यात्रियों को बैठाकर चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले गिरोह पांच शातिर
डूंगरपुर. राजस्थान के डूंगरपुर जिले में राहगीरों और यात्रियों को ईको गाड़ी में बैठाकर चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले गिरोह का वरदा थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई ईको गाड़ी, डराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चाकू, तीन मोबाइल फोन और 58 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. यह गिरोह रात के समय बस स्टैंड के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाता था. आरोपी उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर सुनसान जगहों पर ले जाते और वहां मारपीट कर चाकू की नोक पर मोबाइल, पर्स, नकदी और एटीएम कार्ड लूट लेते थे.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मौज-शौक और शराब पार्टी के लिए लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे. वरदा थाना क्षेत्र में 2 सितंबर और 3 अक्टूबर को इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी. तकनीकी सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की. पूछताछ में जिले के अन्य इलाकों में भी लूट की वारदातों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है.
बस स्टैंड के बाहर यात्रियों को बनाते थे निशाना
वरदा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव ने बताया कि आरोपी रात के समय बस स्टैंड के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाते थे. वे यात्रियों को अपनी ईको गाड़ी में बैठा लेते थे और इसके बाद उन्हें सुनसान इलाकों में ले जाते थे. वहां आरोपियों द्वारा यात्रियों के साथ मारपीट कर चाकू की नोक पर मोबाइल फोन, पर्स, नकदी और एटीएम कार्ड लूट लिए जाते थे. इस तरीके से वारदात को अंजाम देने के कारण यात्रियों को संभलने और मदद मांगने का मौका भी नहीं मिल पाता था.
दो वारदातों के बाद पुलिस ने बनाई विशेष टीम
थानाधिकारी ने बताया कि वरदा थाना क्षेत्र में 2 सितंबर और 3 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर यात्रियों से लूटपाट की घटनाएं सामने आई थी. दोनों मामलों में पीड़ितों के मोबाइल, पर्स और नकदी लूटी गई थी. इन घटनाओं के संबंध में वरदा थाने में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए. मामलों की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों में जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए. इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया. आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर पुलिस ने गिरोह का पता लगाया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
ईको गाड़ी, चाकू और 58 हजार रुपये बरामद
थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई ईको गाड़ी, चाकू, तीन मोबाइल फोन और 58 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. आरोपी लूटपाट से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मौज-शौक और शराब पार्टी में करते थे. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जिले के रणसागर, तीजवड़ और खेमारू रोड सहित अन्य इलाकों में भी लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है. अब इन घटनाओं के संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है. साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं.
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…