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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने 60 दिनों के भीतर 15 आरोपियों के खिलाफ 1000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है. इस मामले में पुलिस ने कुल 143 लोगों को गवाह बनाया है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके.
किश्तवाड़ में नाबालिग को न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने 1000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की है. (Image: AI)
Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में नाबालिग की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने 15 आरोपियों के खिलाफ 1000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 143 गवाहों का जिक्र किया है. चार्जशीट में क्राइम ब्रांच ने नाबालिग के साथ यौन शोषण से लेकर गर्भावस्था तक के पूरे घटनाक्रम की कडि़यों को जोड़ा है. इसके अलावा, चार्जशीट में इलाज में लापरवाही के साथ अपराध को छिपाने के लिए की गई कोशिशों का भी खुलासा किया गया है. क्राइम ब्रांच का दावा है कि उन्होंने इस जघन्य मामले की जांच को महज 60 दिनों के भीतर पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है.
20 अगस्त को नाबालिग की हुई थी मौत
- इस पूरे मामले की शुरुआत 20 अगस्त 2026 को नाबालिग की मौत के बाद हुई. घटना के बाद किश्तवाड़ के चतरू पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए इस वारदात की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी.
- जिसके बाद, क्राइम ब्रांच ने इस मामले में नई एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच नए सिरे से शुरू की गई थी. जांच के दौरान, क्राइम ब्रांच के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाबालिग की मौत की वजह का पता लगाना थी.
- साथ ही, उन सभी परिस्थितियों की पड़ताल करना भी था, जिनकी बीच यह घटना हुई थी. जांच के दौरान, क्राइम ब्रांच को नाबालिग के साथ यौन शोषण से लेकर गर्भावस्था तक के पूरे घटनाक्रम की कडि़यों को जोड़ना था.
- साथ ही, इलाज के दौरान हुई लापरवाही और इस मामले को दबाने के लिए अपनाए गए हथकंड़ों की भी पड़ताल करनी थी. क्राइम ब्रांच ने अपनी इस जांच को 60 दिनों के भीतर पूरा कर 15 दरिंदों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं.
- इन्हीं सबूतों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने सभी 15 दरिंदों के खिलाफ करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है. साथ ही, आरोपियों को सजा सुनिश्चित करने के लिए 143 लोगों की गवाही को चार्जशीट में शामिल किया गया है.
बीएनएस, पॉस्को और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई
चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल की गई हैं. क्राइम ब्रांच ने यह चार्जशीट किश्तवाड़ की अदालत में दाखिल की है. अधिकारियों के मुताबिक, यदि आगे की जांच में कोई नया साक्ष्य सामने आता है, तो कानून के अनुसार पूरक चार्जशीट भी पेश की जा सकती है.