HomeअपराधUdaipur News: गरीबों को कमीशन का लालच, बैंक खातों से करोड़ों का...

Udaipur News: गरीबों को कमीशन का लालच, बैंक खातों से करोड़ों का खेल, ऐसे बेनकाब हुआ साइबर गैंग


Last Updated:

Udaipur Cyber ​​Fraud Case: उदयपुर में साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट्स के जरिए ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. सुखेर थाना पुलिस ने कविता क्षेत्र स्थित एक विला में दबिश देकर गुजरात के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी गरीब और सीधे-साधे लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और गेमिंग से जुड़े लेनदेन में किया जा रहा था. पुलिस ने मौके से 3 लैपटॉप, 19 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 19 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और 5 चेकबुक जब्त की हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संगथा भाई, किरण कुमार, हितेश कुमार और पवन दर्जी के रूप में हुई है. शुरुआती जांच में जब्त बैंक खातों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायतें देश के कई राज्यों में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन की पड़ताल की जा रही है.

Zoom

दयपुर में साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट्स के जरिए ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क का हुआ खुलासा

उदयपुर. राजस्थान में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के लिए बैंक खातों के दुरुपयोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट्स के जरिए ऑनलाइन लेनदेन करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस ने कविता क्षेत्र स्थित एक विला में दबिश देकर गुजरात के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और गेमिंग से जुड़े लेनदेन के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे. इसके लिए वे गरीब और सीधे-साधे लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे और फिर इन खातों के जरिए रकम का लेनदेन किया जाता था.

बदले में खाताधारकों को कमीशन देने का लालच दिया जाता था, जबकि आरोपी खुद भी इस नेटवर्क से कमीशन कमाते थे. पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, 19 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 19 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और पांच चेकबुक जब्त की हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त किए गए बैंक खातों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायतें देश के कई राज्यों में दर्ज हैं. ऐसे में पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, बैंक खातों के इस्तेमाल और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.

गुजरात के चार आरोपी गिरफ्तार

सुखेर थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गुजरात निवासी संगथा भाई, किरण कुमार, हितेश कुमार और पवन दर्जी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कविता क्षेत्र स्थित विला में दबिश देकर वहां इस्तेमाल किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए. मौके से मिले सामान के आधार पर पुलिस को संदेह है कि यहां कई बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा बैंक खाते कहां से जुटाए जाते थे.

गरीब लोगों को झांसे में लेकर खुलवाते थे खाते

पुलिस की शुरुआती जांच समाने आया कि आरोपी ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें पैसों की जरूरत होती थी. उन्हें कमीशन का लालच देकर बैंक खाते हासिल किए जाते थे. इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और गेमिंग से जुड़ी रकम के लेनदेन में किया जाता था. इस तरह खाताधारकों के बैंक खातों का इस्तेमाल दूसरे लोगों के वित्तीय लेनदेन के लिए किया जा रहा था. ऐसे खातों को साइबर अपराध की भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है. इन खातों के जरिए रकम का लेनदेन होने से वास्तविक लाभार्थियों और लेनदेन में शामिल लोगों की पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

कई राज्यों में साइबर अपराध की शिकायतें

जब्त किए गए बैंक खातों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायतें देश के कई राज्यों में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इससे इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों तक फैले होने की आशंका की जांच की जा रही है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है. अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक की जांच के जरिए लेनदेन की जानकारी जुटाई जाएगी. साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि खातों के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही.

About the Author

authorimg

दीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

और पढ़ें



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments