Homeव्यवसायशेयर बाजार में दशहत क्यों: पश्चिम एशिया में घमासान के बाद निवेशकों...

शेयर बाजार में दशहत क्यों: पश्चिम एशिया में घमासान के बाद निवेशकों के आठ लाख करोड़ डूबे, जानें पांच बड़े कारण


पश्चिम एशिया में अचानक गहराए भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के हालात ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का माहौल बना दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक भारी गिरावट के साथ खुले, जिससे चंद मिनटों में निवेशकों के 7.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। 

आइए बाजार में आए इस भारी क्रैश के पांच प्रमुख कारणों को समझते हैं:

पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई से निवेशकों के बीच दहशत

बाजार में क्रैश का सबसे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में युद्ध का भड़कना है। सप्ताहांत में अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए कथित मिसाइल हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इस बड़े घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों से बढ़ा डर

अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से पश्चिम एशिया के प्रमुख क्षेत्रों में किए गए जवाबी हमले बाजार गिरने का दूसरा बड़ा कारण हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता निकट भविष्य में बाजार पर छाई रहेगी। वहीं, वेल्थ मिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बाथिनी के अनुसार, तनाव का यूएई तक फैलना अप्रत्याशित था, जिसका वित्तीय बाजारों पर शॉर्ट-से-मीडियम टर्म में नकारात्मक असर पड़ेगा।

बाजार में बिकवाली का कच्चे तेल से भी संबंध

कच्चे तेल की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल बाजार के लिए तीसरी सबसे बड़ी चिंता है। ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमतें बढ़कर 82.37 डॉलर हो गईं, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत में 7.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 78.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा में 7.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 71.86 डॉलर पर पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले नौवहन को बंद कर दिया है, जिसके चलते सरकारों और तेल शोधकों को तेल भंडार का आकलन करने के लिए प्रेरित किया गया है। इस बीच, ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के मद्देनजर, ओपेक ने अगले महीने तेल उत्पादन में वृद्धि फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में प्रमुख सदस्य देश प्रतिदिन 206,000 बैरल तेल का उत्पादन बढ़ाएंगे।

कच्चे तेल की यह तेजी अर्थव्यवस्था और महंगाई दर के लिए गंभीर खतरा है। तेल बाजार में घबराहट का कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में सप्लाई चेन बाधित होने का डर है। दुनिया का 20% से अधिक तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इस क्षेत्र के आसपास हो रहे भारी मिसाइल हमलों ने तेल आपूर्ति में रुकावट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी का बाजार के सेंटिमेंट पर असर

ब्रिटेन के दूसरे सबसे बड़े बैंक ‘बार्कलेज’ द्वारा जारी चेतावनी ने बाजार का डर और बढ़ा दिया। बैंक ने शनिवार को जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि मिडिल ईस्ट की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है। 

सेक्टोरल आउटलुक


सूचकांक का हाल: सेंसेक्स 2,743 अंक टूटकर 78,543 पर और निफ्टी 519 अंक गिरकर 24,659 पर खुला, जिससे 25,000 का अहम सपोर्ट लेवल टूट गया। 

संपत्ति का नुकसान: बाजार खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैप में से 7.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक साफ हो गए।

प्रमुख लूजर्स:  सेंसेक्स पर इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, अदानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स के शेयरों में 2-4% तक की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा (करीब 2%) गिरा, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे।

डिफेंस में तेजी: बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रक्षा शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) के शेयर 1% से अधिक की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे।

वैश्विक बाजार का हाल

पश्चिम एशिया के इस संकट ने वैश्विक में तेज वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) और इन्फ्लेशन रिस्क को बढ़ा दिया है। जहां इक्विटी बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है, वहीं सुरक्षित निवेश  की ओर भागते निवेशकों के कारण सोने में 6,000 रुपये/10 ग्राम और चांदी में 9,500 रुपये/किलो का भारी उछाल आया है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को बाजार में सतर्क रुख अपनाने की आवश्यकता है।

 






























































































सूचकांक वर्तमान मूल्य बदलाव प्रतिशत बदलाव
HSI (हांगकांग) 26,165.88 -464.66 -1.74
NIFTY 50 (भारत) 25,178.65    
NZX 50 (न्यूजीलैंड) 13,617.45 -105.52 -0.77
MALAYSIA (मलेशिया) 1,698.48 -18.13 -1.06
TAIWAN (ताइवान) 35,255.76 -158.73 -0.45
NIKKEI (जापान) 57,947.22 -903.05 -1.53
ASX 200 (ऑस्ट्रेलिया) 9,173.80 -24.8 -0.27
SHANGHAI (चीन) 4,163.01 0.127  
SHENZHEN (चीन) 14,386.05 -109.04 -0.75
KOSPI (दक्षिण कोरिया) 6,244.13 -63.14 -1
SETI (थाईलैंड) 1,496.78 -31.48 -2.06
STI (सिंगापुर) 4,905.59 -89.48 -1.79
SGX-CNBC CHINA GROWTH 1,746.80 -24.07 -1.36



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments