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फायदे की बात: नई गाड़ी से पहले खरीदें स्क्रैपेज सर्टिफिकेट; पुरानी कार नहीं तब भी रियायत का फायदा?


मेरठ में रहने वाले रोहन नई कार खरीदने शोरूम पहुंचे। बजट का गणित देखकर उत्साह थोड़ा ठंडा पड़ गया। गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत, उस पर लगने वाला भारी-भरकम रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जोड़कर बजट उम्मीद से बहुत अधिक था।

तभी शोरूम के एक समझदार मैनेजर ने रोहन से पूछा, ‘क्या आपके पास स्क्रैपेज सर्टिफिकेट है?’ रोहन ने हैरानी से पूछा, ‘मेरे पास तो पुरानी गाड़ी ही नहीं है, फिर स्क्रैपेज सर्टिफिकेट का क्या मतलब?’ यहीं से शुरू होती है आज के ऑटोमोबाइल बाजार की एक ऐसी कहानी, जिससे आप भी अपनी नई कार की खरीद पर हजारों रुपये बचा सकते हैं।

आइए सबसे पहले ये समझते हैं कि स्क्रैपेज सर्टिफिकेट क्या होता है…

सरकार ने प्रदूषण कम करने और सड़कों से पुरानी, प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने के लिए व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी बनाई है। इसके तहत जब कोई व्यक्ति अपनी पुरानी या एंड-ऑफ-लाइफ (ELV) हो चुकी गाड़ी को किसी अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) में जमा कराता है, तो सरकार उसे एक सर्टिफिकेट ऑफ डिपोजिट यानी स्क्रैपेज सर्टिफिकेट देती है। इस सर्टिफिकेट के पास एक खास मौद्रिक मूल्य होता है। इसके जरिये नई गाड़ी खरीदने पर तीन बड़े फायदे मिलते हैं:


  • पंजीकरण शुल्क में छूट।

  • मोटर व्हीकल टैक्स में राज्य सरकारों के नियमों के तहत 25% तक की रियायत।

  • ऑटो कंपनियों की ओर से विशेष छूट।

बिना पुरानी गाड़ी के आपको यह कैसे मिल सकता है?

अब सवाल यह उठता है कि अगर रोहन की तरह आपके पास भी स्क्रैप करने के लिए कोई पुरानी गाड़ी नहीं है, तो क्या आप इन फायदों से वंचित रह जाएंगे? बिल्कुल नहीं! सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सर्टिफिकेट ऑफ डिपोजिट को पूरी तरह से ट्रांसफरेबल और ट्रेडेबल बना दिया है। यानी, जिस व्यक्ति ने अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराया है और उसे फिलहाल कोई नई गाड़ी नहीं खरीदनी है, वह अपने इस सर्टिफिकेट को बाजार में बेच सकता है।

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दूसरी तरफ, जो ग्राहक नई कार खरीदने जा रहा है लेकिन जिसके पास पुरानी गाड़ी नहीं है, वह किसी अन्य व्यक्ति या अधिकृत प्लेटफॉर्म (जैसे DigiELV, Carbasket, Oxygenauto आदि) से यह सर्टिफिकेट खरीद सकता है। इसके अलावा डीलर्स और अनौपचारिक नेटवर्क के जरिये भी यह बाजार सक्रिय है। नीति आयोग के मुताबिक, औपचारिक प्लेटफॉर्म पर हजारों ऐसे ट्रेड दर्ज हो चुके हैं, जहां लाइट मोटर व्हीकल्स के सर्टिफिकेट औसतन 10,000 से 11,000 रुपये के आसपास बिक रहे हैं।


जानना जरूरी है

क्या वाकई इसमें कोई फायदा है?

मान लीजिए आप 10 लाख रुपये की नई कार खरीदने जा रहे हैं। आप किसी अन्य व्यक्ति से 10,000 रुपये में एक स्क्रैपेज सर्टिफिकेट खरीदते हैं। आपको इसके बदले में क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं:


  • रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत लगभग 1,000 रुपये।

  • राज्य के नियमों के आधार पर रोड टैक्स में रियायत (उप्र में 15%, मप्र, बिहार, झारखंड, पंजाब और राजस्थान में 25%) मान लेते हैं उप्र में रोडटैक्स एक लाख रुपये है।

  • ऑटो कंपनियां एक्स-शोरूम कीमत का 1.5% या अधिकतम 20,000 रुपये तक की छूट दे रही हैं।

फायदा: 1,000+20,000+15,000=36,000 रुपये

सर्टिफिकेट की लागत: 10,000 रुपये

शुद्ध बचत: 36,000-10,000 = 26,000 रुपये यानी, 10,000 रुपये खर्च करके आप 26,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

1. कुछ राज्यों में यह छूट बहुत ज्यादा है, तो कुछ में इसके नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने शहर के आरटीओ या डीलर से पुष्टि जरूर करें।

2. यदि आप बाजार से या थर्ड पार्टी से सर्टिफिकेट खरीद रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह अधिकृत पोर्टल के जरिये ही हो। फर्जी या गैर-कानूनी कागजों से बचें।

3. सर्टिफिकेट ऑफ डिपोजिट की एक वैधता अवधि होती है, उसकी जांच जरूर करें।

4. सर्टिफिकेट लागत डिस्काउंट से अधिक है या नहीं, जरूर देखें। यदि कुल बचत सर्टिफिकेट की कीमत से कम बैठ रही है, तो इसे खरीदना समझदारी नहीं होगी।

 

 



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