Last Updated:
केरल का मुन्नार चाय के बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और खूबसूरत वादियों के लिए मशहूर है. जानिए यहां कैसे पहुंचें, किन जगहों पर घूमने जाएं और अपनी यात्रा को यादगार कैसे बनाएं.
अगर आप कुछ दिन शहर की भीड़, ट्रैफिक और रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर बिताना चाहते हैं, तो केरल का मुन्नार एक अच्छा विकल्प हो सकता है. यहां दूर-दूर तक फैले चाय के बागान, धुंध से ढकी पहाड़ियां, घुमावदार सड़कें और हरियाली से भरी घाटियां देखने को मिलती हैं. पर्यटन मंत्रालय ने भी हाल ही में मुन्नार की खूबसूरत वादियों का वीडियो साझा किया है. पश्चिमी घाट में बसा यह हिल स्टेशन उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो प्रकृति के बीच सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं.
मुन्नार केरल के इडुक्की जिले में स्थित एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है. समुद्र तल से करीब 1,600 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह इलाका अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है. यहां सुबह के समय पहाड़ियों पर छाई धुंध और हरियाली के बीच से गुजरती सड़कें सफर को खास बना देती हैं. अगर आपको फोटोग्राफी पसंद है, तो यहां के प्राकृतिक नजारे तस्वीरें लेने के लिए भी शानदार हैं.
मुन्नार जाने के लिए आप हवाई, रेल और सड़क मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं. हवाई यात्रा करने वालों के लिए कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख विकल्प है. वहां से टैक्सी या अन्य सड़क परिवहन के जरिए मुन्नार पहुंचा जा सकता है. रेल से आने वाले यात्रियों के लिए अलुवा और एर्नाकुलम प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं. इन जगहों से आगे का सफर सड़क मार्ग से करना पड़ता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
अगर आपको सड़क यात्राएं पसंद हैं, तो कोच्चि से मुन्नार तक का रास्ता भी खूबसूरत अनुभव दे सकता है. रास्ते में पहाड़ियां, हरियाली और बदलते प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं. हालांकि, पहाड़ी रास्तों पर सफर करने में समय लग सकता है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय पर्याप्त समय रखें.
चाय के बागान: मुन्नार की यात्रा चाय के बागानों को देखे बिना अधूरी लग सकती है. यहां की हरी-भरी पहाड़ियां और दूर तक फैली चाय की कतारें इस जगह की पहचान हैं. आप किसी अधिकृत चाय बागान या चाय संग्रहालय में जाकर चाय के उत्पादन से जुड़ी जानकारी भी ले सकते हैं.
एराविकुलम नेशनल पार्क: प्रकृति और वन्यजीवों में रुचि रखने वालों के लिए यह खास जगह है. यह पार्क नीलगिरि तहर नाम के दुर्लभ पहाड़ी जीव के संरक्षण के लिए जाना जाता है. यहां जाने से पहले पार्क के खुलने के समय और प्रवेश संबंधी नियमों की जानकारी जरूर लें.
मट्टुपेट्टी डैम और इको पॉइंट: मट्टुपेट्टी डैम के आसपास पहाड़ियों और पानी का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. वहीं, इको पॉइंट पर आवाज की गूंज का अनुभव पर्यटकों को आकर्षित करता है. इन जगहों पर घूमने के लिए आप अपनी यात्रा में अलग से समय रख सकते हैं.
मुन्नार को आराम से घूमने के लिए दो से तीन दिन का समय रखा जा सकता है. इससे आपको चाय के बागान, प्रमुख पर्यटन स्थल और आसपास की पहाड़ियों को देखने का मौका मिलेगा. मौसम ठंडा हो सकता है, इसलिए हल्की जैकेट साथ रखें. बारिश की संभावना को देखते हुए छाता या रेनकोट भी काम आ सकता है.