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सरकार बोली- न्यूज चैनल्स एंटी नेशनल कंटेंट न दिखाएं: भड़काऊ डिबेट से बचें, AI का सही से इस्तेमाल करें; एडवाइजरी में 10 निर्देश




सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की। इसके तहत न्यूज चैनल्स को निर्देश दिया गया है कि वे एंटी नेशनल कंटेंट न दिखाएं। चैनल भड़काऊ डिबेट से बचें। इसके साथ ही मंत्रालय ने चैनलों से AI का सही से इस्तेमाल करने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि कई निजी टीवी चैनलों पर प्रोग्राम कोड के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) ने भी पाया कि कुछ चैनलों पर ऐसे कंटेंट ब्राडकॉस्ट हुए जो प्रोग्राम कोड के अनुरूप नहीं थे। 1. आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की लाइव कवरेज पर रोक सुरक्षा बलों के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की लाइव कवरेज प्रतिबंधित है। ऐसे ऑपरेशन के दौरान मीडिया कवरेज केवल अधिकृत अधिकारी की ओर से ऑपरेशन खत्म होने के बाद दी गई जानकारी तक सीमित होनी चाहिए। ऐसे विजुअल्स को जरूरत पड़ने पर टाइम-स्टैंप के साथ दिखाने को कहा गया है, ताकि उन्हें लाइव कवरेज समझने की गलतफहमी न हो। 2. हिंसक या परेशान करने वाले विजुअल्स न दिखाएं चैनलों को हिंसक, ग्राफिक या परेशान करने वाले विजुअल दिखाते समय सावधानी, जिम्मेदारी और संपादकीय विवेक बरतने को कहा गया है। ऐसे विजुअल्स से दर्शकों को अनावश्यक परेशानी न हो और प्रसारण में शालीनता बनी रहे। 3. अपराध और हिंसा की रिपोर्टिंग करते वक्त सावधानी अपराध और हिंसा से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग सत्यापित तथ्यों और सच्चाई पर आधारित होनी चाहिए। रिपोर्टिंग संतुलित और जिम्मेदार तरीके से करने को कहा गया है, ताकि जानबूझकर गलत, भ्रामक या आधी-अधूरी जानकारी प्रसारित न हो। 4. किसी भी क्राइम की सनसनीखेज रिपोर्टिंग से बचें चैनलों को ऐसी सनसनीखेज रिपोर्टिंग से बचने को कहा गया है, जिससे गैरकानूनी या सामाजिक रूप से अवांछित व्यवहार को बढ़ावा या सामान्य बनाने का संदेश जाए। परेशान करने वाले विजुअल्स को बार-बार दिखाने या लूप में चलाने से बचने और जरूरत पड़ने पर ब्लर या मास्किंग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। 5. प्राकृतिक आपदा और बड़े हादसों की कवरेज में सावधानी प्राकृतिक आपदाओं और बड़े हादसों से जुड़े विजुअल्स को जरूरत पड़ने पर टाइम-स्टैंप के साथ दिखाने को कहा गया है, ताकि दर्शकों में अनावश्यक घबराहट न फैले। रिपोर्टिंग सत्यापित तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। 6. भारत के आधिकारिक नक्शे का इस्तेमाल हो निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को सभी प्रसारण, ग्राफिक्स और डिजिटल प्रस्तुतियों में Survey of India द्वारा प्रकाशित भारत के आधिकारिक नक्शे का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। 7. चैनल पर भड़काऊ डिबेट न हो टीवी कार्यक्रमों और लाइव डिबेट में सांप्रदायिक या राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा नहीं देने को कहा गया है। चैनलों को पैनलिस्ट और प्रतिभागियों के चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर म्यूट, डिस्क्लेमर, कार्यक्रम रोकने या फीड बंद करने जैसे कदम उठाने को कहा गया है, ताकि अपमानजनक, आपत्तिजनक या भड़काऊ कंटेंट का प्रसारण रोका जा सके। 8. यौन अपराध पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा चैनलों को यौन अपराधों के पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक न करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और संबंधित कानूनों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। पीड़ित की पहचान उजागर करने वाली सीधी या अप्रत्यक्ष जानकारी, फोटो, परिवार की जानकारी, स्थान या अन्य विवरण प्रसारित नहीं किए जाने चाहिए। 9. AI के इस्तेमाल को लेकर भी निर्देश चैनलों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इसके टूल्स, जिसमें जनरेटिव AI भी शामिल है, का इस्तेमाल सावधानी से करने की सलाह दी गई है। इसमें ग्राफिक्स और वर्चुअल न्यूज प्रेजेंटेशन जैसी चीजें शामिल हैं। AI का इस्तेमाल केवल सहायक भूमिका में किया जाना चाहिए और इससे खबर की सटीकता, प्रामाणिकता और संवेदनशीलता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। साथ ही प्रोग्राम कोड का पालन जरूरी है। 10. एडिटोरियल और कंटेंट सिस्टम मजबूत करें ब्रॉडकास्टर्स को अपने रिव्यू मैकेनिज्म मजबूत करने और न्यूज जुटाने, एडिटिंग, प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन और टेलीकास्ट से जुड़े सभी कर्मचारियों को प्रोग्राम कोड के प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी देने की सलाह दी गई है। एडिटोरियल और प्रोडक्शन टीमों के लिए नियमित रूप से वर्कशॉप, ट्रेनिंग प्रोग्राम और जागरूकता सत्र आयोजित करने को कहा गया है, ताकि प्रोग्राम कोड का लगातार पालन सुनिश्चित हो सके। ——————————–



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