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PM Modi ने सऊदी अरब के प्रिंस-बेहरीन के King से बात की, Bahrain में भारत ने वीजा-पासपोर्ट सर्विस बंद


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oi-Divyansh Rastogi

Iran-Israel War PM Modi Reactions: मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर बड़े हमले हो रहे हैं और ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं। इसी संकट के बीच भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (2 मार्च 2026) को दो महत्वपूर्ण टेलीफोन बातचीत कीं, जिनमें उन्होंने सऊदी अरब और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की। सबसे पहले PM मोदी ने बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से बात की, उसके बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से चर्चा की। ये बातचीत ऐसे समय में हुई जब ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डों और कुछ नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैल गई है।

PM Modi Bahrain King call

PM मोदी फाइल फोटो।

PM Modi Statement Iran-Israel War: PM मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों पर हुए हमलों की स्पष्ट निंदा की और कहा कि हिंसा और अस्थिरता क्षेत्रीय शांति को गहरा नुकसान पहुंचाती है। भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के रास्ते पर जोर देता रहा है, और इस बार भी यही संदेश दिया गया। उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर भी विस्तार से चर्चा की, क्योंकि मध्य पूर्व में लाखों भारतीय काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई। साथ ही, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर प्रयास करने की बात हुई।

Bahrain-Saudi Arabia में कितने हमले हुए? कितनी जानें गईं?

ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें मुख्य रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, लेकिन कुछ हमले नागरिक क्षेत्रों तक पहुंचे या मलबे से नुकसान हुआ।

  • बहरीन में: ईरान ने 45 मिसाइल और 9 ड्रोन हमले किए। US नेवी की फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर और मिना सलमान पोर्ट के पास सुविधाएं प्रभावित हुईं। एक कमर्शियल जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, आग लगी और क्रू को निकाला गया। कुल मिलाकर 1 मौत और 4 घायल हुए (कुछ रिपोर्ट्स में 4 घायल बताए गए)। ज्यादातर हमले इंटरसेप्ट हो गए, लेकिन मलबे से नुकसान हुआ।
  • सऊदी अरब में: रियाद और पूर्वी क्षेत्र (जैसे रास तनूरा रिफाइनरी) पर हमले। ड्रोन और मिसाइल हमलों में ज्यादातर इंटरसेप्ट हो गए, लेकिन रिफाइनरी में आग लगी (जो नियंत्रण में आ गई) और छोटा नुकसान हुआ। मौतों की स्पष्ट संख्या नहीं बताई गई, लेकिन कुल खाड़ी देशों में कुछ मौतें (UAE में 3, कुवैत और बहरीन में 1-1) रिपोर्ट हुईं। सऊदी में मुख्य रूप से इंटरसेप्शन सफल रहा, सीमित हताहत।

ये हमले 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में हुए, जिसमें ईरान में 555 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। कुल मिलाकर, बहरीन और सऊदी में हताहत सीमित रहे क्योंकि डिफेंस सिस्टम मजबूत हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

यह घटनाक्रम दिखाता है कि भारत मध्य पूर्व की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखे हुए है। ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल कीमतों और प्रवासी भारतीयों पर पड़ सकता है। भारत की कूटनीति क्षेत्र में शांति बहाली के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



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