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वडोदरा45 मिनट पहले
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गुजरात सरकार ने 2014 में युसुफ पठान से जमीन से कब्जा हटाने को कहा था।
गुजरात सरकार ने सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट देने की मंजूरी दे दी है। इसकी कुल कीमत 20.53 करोड़ रुपए है। इसमें 500 वर्ग मीटर जमीन फ्री दी जाएगी, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए है। यानी कि युसुफ पठान को बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए तय कीमत का 55% यानी करीब 5.52 करोड़ रुपए ही देने होंगे।
इस संबंध में सोमवार को वडोदरा नगर निगम के आयुक्त ने कमेटी को यह प्रस्ताव पेश किया था। इसी मामले को लेकर आज नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया।
इस जमीन को लेकर गुजरात सरकार और यूसुफ पठान के बीच 14 साल से विवाद था। यूसुफ पठान 14 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। उनके साथ TMC के 19 अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने का दावा किया गया था।
गुजरात सरकार के इस फैसले का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। कांग्रेसी पार्षदों ने नगर निगम में ‘वोट चोर भाजपा’, ‘साजिश चोर भाजपा’, ‘एक वोट की कीमत 15 करोड़ रुपए’ जैसे स्लोगन वाले पोस्टर लहराए।
यह बंगला पठान परिवार का है। यहां दोनों भाई यूसुफ और इरफान पठान अपने परिवार और माता-पिता के साथ रहते हैं।
अब जानिए पूरा मामला
यह मामला वडोदरा के तंडलजा के TP-22 में 978 वर्ग मीटर के प्लॉट के आवंटन से जुड़ा है। इस प्लॉट को लेकर पिछले 14 वर्षों से यूसुफ पठान और नगर निगम के बीच विवाद चल रहा है। पूरे 978 वर्ग मीटर प्लॉट की कीमत लगभग 20.53 करोड़ रुपए है।
वर्ष 2012 में, यूसुफ पठान ने इस प्लॉट के आवंटन की मांग की थी। हालांकि 2014 में गुजरात सरकार ने इस प्लॉट के आवंटन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और युसुफ पठान से कब्जा हटाने को कहा था।
इसके बाद यह विवाद जारी रहा और 2024 में मामला अदालत तक पहुंच गया, जहां पर भी पूर्व क्रिकेट को कोई राहत नहीं मिली। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस विवाद में, अगस्त 2026 में गुजरात हाईकोर्ट से अपील वापस ले ली गई थी।
कांग्रेस नगर अध्यक्ष ऋत्विज जोशी ने कहा कि भाजपा नेताओं ने 978 वर्ग मीटर का सरकारी भूखंड यूसुफ पठान को दे दिया। भाई सरकारी दामाद क्यों? वडोदरा का कोई भी नागरिक अगर सरकारी भूखंडों पर कोई गतिविधि करता है, तो उससे 5 से 10 हजार रुपए तक किराया वसूला जाता है।
यूसुफ पठान के पास 14 साल से कब्जा था। अगर 14 साल की गिनती करें तो यूसुफ पठान से 8 करोड़ रुपए से अधिक वसूला जाना चाहिए था। जब यूसुफ पठान TMC में थे, तब उन पर केस दर्ज करवा दिया गया था। अब अचानक ऐसा क्यो हो गया कि उन्हें इतनी महंगी जमीन मुफ्त में दी जा रही है।

नगर निगम मेें कांग्रेसी पार्षदों का विरोध प्रदर्शन।
गुजरात सरकार 978 वर्गमीटर का जो प्लॉट दे रही है, वह इसी बंगले के पास है।
यूसुफ ने 31 अगस्त को हाईकोर्ट से अपील वापस ली
3 मार्च, 2012: यूसुफ पठान ने प्लॉट मांगा- यूसुफ ने 2012 में नगर निगम आयुक्त को लेटर लिखकर अपने बंगले के पास 978 वर्ग मीटर का प्लॉट मांगा था। 30 मार्च और 8 जून को हुई बैठकों में प्लॉट देने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। इसके लिए बिना नीलामी के 99 साल की लीज पर जमीन देने की तैयारी की गई थी।
9 जून, 2014: गुजरात सरकार ने प्रस्ताव खारिज किया- राज्य सरकार ने सार्वजनिक नीलामी के बिना प्लॉट देने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद जमीन देने की प्रक्रिया रुक गई।
6 जून, 2024: मामला कोर्ट पहुंचा- नगर निगम ने प्लॉट पर अवैध कब्जा हटाने के लिए कार्रवाई का आदेश दिया। यूसुफ ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 21 अगस्त, 2025 को गुजरात हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
4 फरवरी, 2026: सिंगल जज के फैसले के खिलाफ अपील- यूसुफ पठान ने सिंगल जज के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की। इस साल 8 जून को कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब जमीन का कानूनी आवंटन नहीं हुआ और पैसे भी नहीं दिए गए, तो उस पर कब्जा कैसे किया गया। कोर्ट ने नगर निगम अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
15 जून, 2026: पठान के वकील ने समय मांगा- यूसुफ के वकील ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन देने से जुड़ी राज्य सरकार की नीति का हवाला देते हुए मामले में आगे की दलीलें पेश करने के लिए समय मांगा।
18 जून, 2026: नगर निगम ने नीलामी की तैयारी की- नगर निगम ने शहर के 7 प्लॉट की नीलामी का प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा। इनमें तांदलजा का 978 वर्ग मीटर का प्लॉट भी शामिल था। इसकी कीमत 2.10 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर तय की गई। इस हिसाब से प्लॉट की कुल कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपए हुई।
31 अगस्त, 2026: यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपील वापस ली- 31 अगस्त को यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली। उन्होंने 2012 में इस प्लॉट की मांग की थी। अब 14 साल बाद इसे देने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई है।
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