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एक्सप्लेनर: क्या है पीएचपी जिसकी खामी से 70% वेबसाइटों पर मंडराया खतरा, ब्रिटेन ने क्यों कहा घर में रखें राशन?


इंटरनेट की बड़ी संख्या में वेबसाइटों को चलाने वाली तकनीक में दो गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। खामियों का पता चलने के बाद कई देशों में सरकारी वेबसाइटें एहतियातन बंद की गईं। इस खामी के चलते दुनियाभर की 70 फीसदी वेबसाइट्स प्रभावित हो सकती थीं। इस बीच ब्रिटेन सरकार ने लोगों को घर में तीन दिन यानी 72 घंटे तक काम आने वाला जरूरी सामान रखने की सलाह दी है।

ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर ये खामियां क्या थी? किसमें पाई गई? इन्हें कैसे खोजा गया? इससे क्या खतरा हो सकता था? क्या कदम उठाए गए?

किसमें गड़बड़ी पाई गई?

यह गड़बड़ी पीएचपी में पाई गई। पीएचपी एक प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका इस्तेमाल वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं को चलाने में होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह वेबसाइट के पीछे काम करती है और उपयोगकर्ताओं के अनुरोध के मुताबिक जानकारी दिखाने में मदद करती है।

वेबसाइटों के इस्तेमाल पर नजर रखने वाली संस्था डब्ल्यूथ्रीटेक्स के अनुमान के मुताबिक, जिन वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की पहचान हो सकी, उनमें करीब 69.3 प्रतिशत में पीएचपी का इस्तेमाल होता है। वर्डप्रेस, ड्रुपल और जूमला जैसे मंच भी इस तकनीक पर निर्भर हैं। इसलिए इसमें सुरक्षा की गंभीर समस्या आने से बड़ी संख्या में वेबसाइटों पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो सकता है।

पीएचपी में क्या गड़बड़ी सामने आई?

सुरक्षा संबंधी समस्याएं कंप्यूटर की मेमोरी के इस्तेमाल और प्रोग्राम में आने वाली गलतियों को संभालने की प्रक्रिया से जुड़ी थीं। मेमोरी कंप्यूटर का वह हिस्सा है, जहां काम करते समय जरूरी जानकारी अस्थायी रूप से रखी जाती है। वहीं, गलतियों को संभालने की प्रक्रिया तय करती है कि प्रोग्राम में समस्या आने पर वह कैसे काम करेगा।

इन प्रक्रियाओं में मौजूद कमियों का फायदा उठाकर हमलावर वेबसाइट चलाने वाले कंप्यूटर पर बिना अनुमति निर्देश चला सकते हैं। इससे वहां रखी फाइलों और आंकड़ों के संग्रह तक पहुंचने या उनमें बदलाव करने का खतरा पैदा हो सकता है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने भी चेतावनी दी कि इन खामियों के जरिए सर्वर की फाइलों और आंकड़ों तक पहुंचने का जोखिम पैदा हो सकता है।

साइबर सुरक्षा कंपनी हैड्रियन ने इन कमियों का फायदा उठाने की कोशिशों को पीएचपीटूशेल नाम दिया। यहां शेल का मतलब ऐसे माध्यम से है, जिसके जरिए कंप्यूटर को निर्देश दिए जा सकते हैं। इस तरह की पहुंच मिलने पर हमलावर सर्वर पर अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर सकता है।



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