शिवहर: अयोध्या से जनकपुर तक बनने वाले राम-जानकी पथ से बिहार के शिवहर जिले के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावन है. इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि इस मार्ग से माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर जाने वाले पर्यटकों को शिवहर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बाबा भुवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर, यानी देकुली धाम तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है. हालांकि, परियोजना के तहत शिवहर में सड़क का अंतिम रूट तय होने का इंतजार अभी बाकी है.
देकुली धाम में बढ़ सकती है पर्यटकों की आवाजाही
शिवहर जिले का देकुली धाम प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग महाभारत काल से जुड़ा हुआ है. इस धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. राम-जानकी पथ के विकसित होने से चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है. इससे सीतामढ़ी और जनकपुर जाने वाले पर्यटक देकुली धाम में भी रुक सकते हैं. पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास की दुकानों, होटल, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिल सकता है.
टू-लेन सड़क को फोरलेन बनाने की योजना
इस प्रस्तावित राम-जानकी पथ अयोध्या से गोपालगंज और चंपारण के चकिया होते हुए शिवहर से सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ तक जाएगा. इसके आगे नेपाल में लगभग 30 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण नेपाल सरकार द्वारा कराया जाना है. इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-227A (NH-227A) को फोरलेन में विकसित करने का प्रस्ताव है. चकिया से शिवहर की दूरी लगभग 40 किलोमीटर और शिवहर से सीतामढ़ी की दूरी करीब 28 किलोमीटर बताई गई है.
4 मौजों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव
इस परियोजना के लिए शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड के श्यामपुर भटहां, भोड़हा, मोहनपुर और बीरा छपरा गांवों की चार मौजों से कुल 53.5064 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का प्रस्ताव भेजा गया है. जिला प्रशासन की टीम इन क्षेत्रों का निरीक्षण भी कर चुकी है. जल्द ही भूमि अधिकरण का काम कर लिया जाएगा.
रूट तय नहीं होने से बढ़ा इंतजार
राम-जानकी पथ के चौड़ीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2022 में पारित हुआ था. यहां शुरुआत में शिवहर शहर के भीतर सड़क के दोनों ओर सीमांकन किए जाने से स्थानीय व्यापारियों में चिंता बढ़ गई थी. व्यवसायियों के विरोध के बाद शहर को बचाने के लिए बाइपास बनाने की संभावना पर विचार किया गया. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क का रूट बदलने का फैसला लिया है. अब जिला प्रशासन को नए रूट का इंतजार है. रूट निर्धारित होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी
फिलहाल, शिवहर के लोगों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आगे बढ़ने का इंतजार है. यहां सड़क का निर्माण पूरा होने पर जिले में धार्मिक पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की संभावना है.